नई दिल्ली। इस्पात मंत्रालय ने अनुसूची ‘ए’ के केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (सीपीएसई) मेटलर्जिकल एंड इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स (इंडिया) लिमिटेड (मेकॉन) को मिनीरत्न कैटेगरी-I का दर्जा देने की मंजूरी प्रदान कर दी है। लगातार बेहतर वित्तीय प्रदर्शन और निर्धारित पात्रता मानकों को पूरा करने के बाद कंपनी को यह सम्मान मिला है।
लगातार तीन वर्षों तक दर्ज किया मुनाफा
मंत्रालय के अनुसार, मेकॉन ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों में लगातार लाभ अर्जित किया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2023-24 (पुनर्घोषित) में 77.62 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2024-25 (पुनर्घोषित) में 32.08 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2025-26 में 104.53 करोड़ रुपये का कर-पूर्व लाभ (पीबीटी) दर्ज किया।
इसके अलावा 31 मार्च 2026 तक कंपनी की शुद्ध संपत्ति 535.42 करोड़ रुपये रही, जिससे वह सार्वजनिक उद्यम विभाग (डीपीई) द्वारा निर्धारित मिनीरत्न कैटेगरी-I की पात्रता शर्तों पर खरी उतरी।
बढ़ेगी वित्तीय और परिचालन स्वायत्तता
मिनीरत्न कैटेगरी-I का दर्जा मिलने के बाद मेकॉन लिमिटेड के निदेशक मंडल को वित्तीय और परिचालन मामलों में अधिक स्वायत्तता मिलेगी। इससे कंपनी निवेश, आधुनिकीकरण, तकनीकी उन्नयन और कारोबार विस्तार से जुड़ी परियोजनाओं को अधिक तेजी और लचीलेपन के साथ लागू कर सकेगी।
सरकार की नीति को मिलेगा बल
इस्पात मंत्रालय ने कहा कि यह निर्णय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को अधिक स्वायत्तता और परिचालन लचीलापन देकर उन्हें सशक्त बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ ही, इससे सार्वजनिक उपक्रमों की दक्षता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी तथा वे देश के आर्थिक और आधारभूत संरचना विकास में और अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे।
