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Wednesday, July 1, 2026

झारखंड की औद्योगिक संभावनाओं और उद्यमिता पर चैंबर में मंथन, निवेश बढ़ाने पर जोर

रांची। फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की ओर से मंगलवार को चैंबर भवन में सनसिटी प्रोजेक्ट्स के चेयरमैन एवं ऋषिहुड यूनिवर्सिटी के संस्थापक लक्ष्मी नारायण गोयल के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। बैठक में उद्योग, उद्यमिता, शिक्षा, सामाजिक उत्तरदायित्व और झारखंड के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।

रोजगार सृजन में उद्यमियों की अहम भूमिका

लक्ष्मी नारायण गोयल ने कहा कि किसी भी देश में रोजगार सृजन का सबसे बड़ा माध्यम उद्यमी और व्यापारी होते हैं। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था, कर संग्रह और राष्ट्र निर्माण में व्यापारिक वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका है। व्यापारियों को समाज और शासन दोनों स्तरों पर सम्मान मिलना चाहिए तथा उनके साथ अनावश्यक उत्पीड़न नहीं होना चाहिए।

उन्होंने व्यापारिक वर्ग से संगठित होकर राष्ट्रहित और अपने हितों के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। साथ ही एकल अभियान के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, सीमावर्ती क्षेत्रों में सेवा कार्य तथा भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने झारखंड की खनिज संपदा के बेहतर उपयोग के लिए आधुनिक तकनीक, निवेश और वैश्विक सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

दावोस यात्रा से झारखंड की बनी सकारात्मक पहचान

चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि दावोस यात्रा के दौरान झारखंड को लेकर वैश्विक स्तर पर सकारात्मक माहौल बना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास की नई संभावनाएं विकसित हुई हैं। विशेष रूप से क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में झारखंड की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।

उन्होंने कहा कि राज्य के प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग कर औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे संवाद से झारखंड में उद्यमिता को नई दिशा मिलेगी और उद्योगों के विकास को गति मिलेगी।

बैठक में प्रसिद्ध उद्यमी एस.के. जिंदल, विनीत कुमार गुप्ता लोहिया, संजीव गोयल, रमेश कनोडिया सहित चैंबर के कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।

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