कोलकाता | पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के चौंकाने वाले नतीजों के बाद भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने झुकने से इनकार कर दिया है। मंगलवार को कालीघाट स्थित अपने आवास पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दो टूक कहा कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी। ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों को खारिज करते हुए इसे लोकतंत्र की हत्या और वोटों की जबरन लूट करार दिया है।
‘हम हारे नहीं, वोट लूटे गए’: ममता बनर्जी
तृणमूल सुप्रीमो ने चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा, “मैं इस्तीफा क्यों दूं? हम चुनाव हारे नहीं हैं, बल्कि धांधली के जरिए हमें हराया गया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि 100 से अधिक सीटों पर निर्वाचन आयोग ने पक्षपातपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मतगणना केंद्रों पर उनके एजेंटों को प्रवेश करने से रोका गया और टीएमसी समर्थकों के साथ मारपीट की गई।
विपक्ष का मिला साथ, सड़क पर संघर्ष का एलान
ममता बनर्जी ने बताया कि हार के बावजूद देश के कई बड़े नेताओं ने उन्हें समर्थन दिया है। सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव और हेमंत सोरेन जैसे नेताओं ने उन्हें फोन कर एकजुटता का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि वह अब सड़क पर उतरकर जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष करेंगी और विपक्षी गठबंधन को और मजबूत बनाएंगी।
ऐतिहासिक जीत के साथ भाजपा बनी सबसे बड़ी शक्ति
उल्लेखनीय है कि इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल की राजनीति के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए 207 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। वहीं, पिछले एक दशक से अधिक समय से सत्ता पर काबिज तृणमूल कांग्रेस महज 80 सीटों पर सिमट गई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनके साथ अभिषेक बनर्जी सहित पार्टी के कई दिग्गज नेता मौजूद थे, जो चुनावी परिणामों के खिलाफ कानूनी और राजनीतिक लड़ाई लड़ने की रणनीति बना रहे हैं।

