नई दिल्ली/चेन्नई । तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस द्वारा एक्टर विजय की पार्टी TVK को समर्थन देने के ऐलान ने राज्य के सियासी समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है। इस फैसले से डीएमके (DMK) बुरी तरह बिफर गई है। डीएमके ने कांग्रेस के इस कदम को “मूर्खतापूर्ण” और “पीठ में छुरा घोंपने” जैसा करार दिया है।
“हमने राहुल गांधी का कद बढ़ाया, उन्होंने धोखा दिया”: डीएमके
डीएमके प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि जब पूरी दुनिया और भाजपा राहुल गांधी का मजाक उड़ा रही थी, तब एमके स्टालिन ही थे जिन्होंने उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर उनका राजनीतिक ग्राफ ऊपर बढ़ाया।
अविश्वसनीयता का आरोप: डीएमके ने कहा कि चुनाव परिणाम आने के मात्र 24 घंटे के भीतर कांग्रेस का पाला बदलना जनादेश का अपमान है।
गठबंधन पर असर: प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि इस फैसले का संदेश अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और उद्धव ठाकरे जैसे सहयोगियों के बीच क्या जाएगा?
गणित की लड़ाई: ‘5 सीट वाले की कौन सुनेगा?’
डीएमके ने कांग्रेस के इस फैसले को तार्किक रूप से भी गलत बताया है। अन्नादुरई ने कहा “विजय की TVK को बहुमत के लिए 10-11 सीटों की जरूरत है। एआईएडीएमके (AIADMK) के पास 47 सीटें हैं और वे बिना शर्त समर्थन को तैयार हैं। ऐसे में विजय 5 सीटों वाली कांग्रेस की बात सुनेंगे या 47 सीटों वाली एआईएडीएमके की? कांग्रेस ने सिर्फ अपने अहंकार की संतुष्टि के लिए यह गलत फैसला लिया है।”
कांग्रेस का तर्क: ‘भाजपा-आरएसएस को रोकना प्राथमिकता’
दूसरी ओर, कांग्रेस नेता समा राममोहन रेड्डी ने विजय को बधाई देते हुए कहा कि यह समर्थन भाजपा की नफरत भरी राजनीति और विचारधारा के खिलाफ है। कांग्रेस का मानना है कि तमिलनाडु के लोगों ने भाजपा के विरुद्ध जनादेश दिया है और वे एक ‘सेक्युलर सरकार’ के कार्यकाल में योगदान देकर खुश हैं।

