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Wednesday, April 22, 2026

‘AAP’ में बड़ी बगावत? राघव चड्ढा ने पार्टी हाईकमान के खिलाफ खोला मोर्चा; कहा- मेरी खामोशी को सैलाब न समझ लेना

चंडीगढ़ | आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर मचे घमासान ने अब सार्वजनिक रूप ले लिया है। राज्यसभा में उप-नेता के पद से हटाए जाने और उनकी जगह अशोक मित्तल को नियुक्त करने की सिफारिश से आहत सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी नेतृत्व पर तीखे सवाल दागे हैं। चड्ढा ने एक वीडियो जारी कर सीधे तौर पर अपनी ही पार्टी के फैसले को चुनौती दी है और इसे अपनी आवाज दबाने की कोशिश करार दिया है।

“खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं”
राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में बेहद आक्रामक और भावुक रुख अपनाया। उन्होंने शायराना अंदाज में चेतावनी देते हुए कहा: “मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना, मैं वो दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।”

चड्ढा ने दावा किया कि उन्हें जानबूझकर सदन में बोलने से रोका जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या मिडिल क्लास की लूट, महंगे टोल और बैंक चार्जेस जैसे आम जनता के मुद्दे संसद में उठाना कोई गुनाह है?

पद से हटाए जाने पर नाराजगी
गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी ने हाल ही में राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर राघव चड्ढा के स्थान पर लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के संस्थापक अशोक मित्तल को उप-नेता नियुक्त करने का आग्रह किया है। पंजाब विधानसभा चुनाव (2024) में पार्टी का मुख्य चेहरा रहे चड्ढा को इस तरह किनारे किए जाने से राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म है।

चड्ढा के तीखे सवाल: “पार्टी का क्या नुकसान हुआ?”
वीडियो में राघव ने उन मुद्दों की फेहरिस्त गिनाई जिन पर वे संसद में मुखर रहे हैं:

मिडिल क्लास की लूट: बैंक चार्जेस और टेलीकॉम कंपनियों द्वारा 12 महीने में 13 बार रिचार्ज कराने का मुद्दा।

महंगाई: एयरपोर्ट पर महंगे खाने और टोल टैक्स के बढ़ते बोझ पर चर्चा।

जनता का हित: उन्होंने पूछा कि इन मुद्दों को उठाने से आम आदमी का तो फायदा हुआ, लेकिन “आम आदमी पार्टी” का क्या नुकसान हुआ जो उनकी आवाज बंद करने की कोशिश की जा रही है?

सियासी गलियारों में हलचल
कभी अरविंद केजरीवाल के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाने वाले राघव चड्ढा की यह ‘बगावत’ पार्टी के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है। पिछले कुछ समय से चड्ढा पंजाब की सक्रिय राजनीति और पार्टी के बड़े कार्यक्रमों से दूर नजर आ रहे थे। अब इस वीडियो बयान ने यह साफ कर दिया है कि ‘ऑल इज नॉट वेल’ (सब कुछ ठीक नहीं है)।

जनता से मांगी साथ की अपील
अपने संबोधन के अंत में राघव ने समर्थकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि जनता का प्यार ही उनका हौसला है। उन्होंने लोगों से उनका हाथ थामे रखने का आग्रह किया और संकेत दिया कि वे चुप बैठने वाले नहीं हैं।

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