नई दिल्ली| पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आ रहे भारी उछाल के बीच केंद्र सरकार ने भारतीय विमानन क्षेत्र को एक बड़ी राहत दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में भारतीय एयरलाइंस के लिए 10,000 करोड़ रुपये के ‘एटीएफ (विमानन ईंधन) मूल्य स्थिरीकरण कोष’ को मंजूरी दे दी गई है। इस ऐतिहासिक फैसले का मुख्य उद्देश्य विमानन कंपनियों और हवाई यात्रियों को ईंधन की आसमान छूती कीमतों के झटकों से सुरक्षित रखना है।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कैबिनेट फैसले की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का एकमुश्त बजटीय सहयोग देने का निर्णय लिया है। इस फंड की मदद से ये तेल कंपनियां अनुसूचित (शिड्यूल्ड) भारतीय एयरलाइनों को उनके घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों को एक स्थिर दायरे में बनाए रखने में मदद करेंगी।
अश्विनी वैष्णव ने आगे स्पष्ट किया कि यह विशेष वित्तीय सहायता पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ‘अनुदान मांगों’ के माध्यम से तेल कंपनियों को ब्याज-मुक्त अग्रिम (इंटरेस्ट-फ्री एडवांस) के रूप में ट्रांसफर की जाएगी। सरकार का मानना है कि पश्चिम एशिया संकट के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों में जो भारी अस्थिरता और अनिश्चितता का दौर चल रहा है, उसमें एयरलाइनों के परिचालन खर्च को नियंत्रित रखने के लिए एटीएफ के दामों को स्थिर करना बेहद जरूरी था। इस कदम से विमानन कंपनियों का वित्तीय बोझ कम होगा और यात्रियों के लिए भी हवाई टिकटों के दाम नियंत्रण में रहेंगे।
