तेल अवीव/लेबनान । इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच जारी संघर्ष अब और भी घातक मोड़ पर पहुंच गया है। इजराइल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने दक्षिण लेबनान में एक बड़ी सैन्य कार्रवाई करते हुए हिजबुल्लाह की सबसे आधुनिक और रणनीतिक सुरंग को नेस्तनाबूद कर दिया है। इस भीषण हमले में दर्जनों आतंकवादियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।
450 टन विस्फोटक से उड़ाई ‘पाताल की लंका’
इजराइली सेना के अनुसार, यह सुरंग दक्षिण लेबनान के कंतारा (Division 36) इलाके में स्थित थी। इसकी बनावट और मजबूती ने सैन्य विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया।
विशाल संरचना: यह सुरंग करीब 2 किलोमीटर लंबी थी और जमीन से 25 मीटर नीचे ग्रेनाइट की सख्त चट्टानों को काटकर बनाई गई थी।
अत्याधुनिक सुविधाएं: सुरंग के भीतर 30 कमरे थे, जहां हथियारों का बड़ा जखीरा जमा किया गया था। बताया जा रहा है कि इसका निर्माण ईरान की तकनीकी मदद से किया गया था।
भीषण धमाका: मंगलवार को IDF ने 450 टन विस्फोटक का इस्तेमाल कर इस पूरे ढांचे को जमीनदोज कर दिया। हमले के वक्त वहां तैनात सभी आतंकी मलबे में दबकर मारे गए।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू की चेतावनी: ‘अभी बहुत कुछ बाकी है’
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस हमले का वीडियो साझा करते हुए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने लिखा: “आज हमने हिजबुल्लाह की एक बहुत बड़ी सुरंग को उड़ा दिया है। हम उनके आतंकी ढांचे को जड़ से तबाह कर रहे हैं। अभी और भी बहुत कुछ होना बाकी है।”
हिजबुल्लाह का पलटवार: इजराइली कॉन्ट्रैक्टर की मौत
इस कार्रवाई के बीच हिजबुल्लाह ने भी ड्रोन हमलों से इजराइली ठिकानों को निशाना बनाया।
नागरिक की मौत: आईडीएफ के अनुसार, हिजबुल्लाह के ड्रोन हमले में रक्षा मंत्रालय के एक सिविलियन कॉन्ट्रैक्टर आमेर हुजिरात (44) की मौत हो गई, जबकि उनका बेटा घायल हो गया।
सैनिक घायल: इससे पहले हुए एक अन्य ड्रोन हमले में एक इजराइली सैनिक भी गंभीर रूप से घायल हुआ है।
दक्षिण लेबनान में इजराइल की इस कार्रवाई को हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचे पर अब तक की सबसे बड़ी चोट माना जा रहा है।

