नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर चल रहे सोशल मीडिया अभियान कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों पर स्पष्टीकरण जारी किया है। पुलिस ने कहा कि एनएसए के तहत पुलिस आयुक्त को मिली शक्तियों का सीजेपी के प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है।
पुलिस के अनुसार कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन से निपटने के लिए पुलिस आयुक्त को एनएसए के तहत गिरफ्तारी और निरोधात्मक कार्रवाई की शक्तियां दी गई हैं। दिल्ली पुलिस ने इन खबरों को भ्रामक बताते हुए कहा कि यह आदेश नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
हर तीन महीने में होता है शक्तियों का नवीनीकरण
दिल्ली पुलिस ने बताया कि एनएसए के तहत शक्तियों के नवीनीकरण का आदेश 7 जुलाई 2026 को जारी किया गया था। यह 19 जुलाई 2026 से 18 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। यह आदेश सीजेपी के प्रदर्शन शुरू होने से पहले जारी किया गया था और हर तीन महीने में होने वाली नियमित प्रक्रिया के तहत लागू किया गया है।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए कोई विशेष प्रस्ताव या अलग से अनुरोध नहीं किया गया था। नियमित नवीनीकरण को कुछ मीडिया रिपोर्टों में सीजेपी के प्रदर्शन से जोड़कर प्रस्तुत किया गया, जिससे भ्रम की स्थिति बनी।
भ्रामक खबरों से सावधान रहने की अपील
दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट और भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें तथा किसी भी जानकारी की पुष्टि केवल आधिकारिक स्रोतों से करें। पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर प्रसारित अपुष्ट सूचनाएं कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में अनावश्यक भ्रम पैदा कर सकती हैं।
