पश्चिमी सिंहभूम। पश्चिमी सिंहभूम जिले के 56-चक्रधरपुर विधानसभा क्षेत्र ने मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण-2026 के तहत गणना प्रपत्रों का शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन पूरा कर झारखंड में पहला स्थान हासिल किया है। इसके साथ ही चक्रधरपुर राज्य का पहला विधानसभा क्षेत्र बन गया है, जहां यह कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरी तरह संपन्न हुआ है।
जिला निर्वाचन कार्यालय ने गुरुवार को बताया कि यह उपलब्धि निर्वाचन पदाधिकारियों, बूथ स्तरीय अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और आम नागरिकों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। समयबद्ध और त्रुटिरहित ढंग से कार्य पूरा होने से मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, अद्यतन और विश्वसनीय बनाने में मदद मिलेगी।
टीम की मेहनत से मिली सफलता
निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी श्रुति राजलक्ष्मी ने इस उपलब्धि पर सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और बूथ स्तरीय अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पूरी टीम की प्रतिबद्धता, अनुशासन और निरंतर मेहनत के कारण यह सफलता संभव हो सकी है।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक सशक्त और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
अन्य विधानसभा क्षेत्रों से भी समय पर कार्य पूरा करने की अपील
जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त मनीष कुमार ने इसे पश्चिमी सिंहभूम जिला निर्वाचन कार्यालय के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि चक्रधरपुर का राज्य में सबसे पहले यह लक्ष्य हासिल करना जिले की कार्यसंस्कृति, टीम भावना और निर्वाचन कार्यों के प्रति गंभीर प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
उपायुक्त ने सभी निर्वाचन कर्मियों, बूथ स्तरीय अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने जिले के अन्य विधानसभा क्षेत्रों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों से भी भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से डिजिटाइजेशन कार्य पूरा करने का आह्वान किया।
