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Wednesday, April 15, 2026

झारखंड टेंडर घोटाला: ईई संतोष कुमार ने पीएमएलए कोर्ट में किया सरेंडर, मिली बेल

रांची। झारखंड के बहुचर्चित ग्रामीण विकास विभाग टेंडर घोटाला मामले में बड़ी खबर सामने आई है। मामले के मुख्य आरोपितों में से एक, अधिशाषी अभियंता (एक्जीक्यूटिव इंजीनियर) संतोष कुमार ने बुधवार को रांची स्थित पीएमएलए (PMLA) की विशेष अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। सरेंडर की औपचारिकताएं पूरी होने के तुरंत बाद अदालत ने उन्हें जमानत प्रदान कर दी।

कड़ी शर्तों के साथ मिली जमानत
अदालत ने संतोष कुमार को राहत देते हुए एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी है। हालांकि, कोर्ट ने कुछ कड़ी शर्तें भी रखी हैं। अभियंता को अपना पासपोर्ट अदालत में जमा करना होगा। बिना अनुमति के वे देश नहीं छोड़ सकेंगे।

क्या है पूरा मामला?
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हाल ही में इस घोटाले की जांच के दौरान प्रमोद कुमार समेत 14 अन्य लोगों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट (पूरक आरोप पत्र) दाखिल की थी। कोर्ट द्वारा समन जारी किए जाने के बाद से ही आरोपितों के सरेंडर करने का सिलसिला जारी है। संतोष कुमार से पहले भी कई आरोपितों को सरेंडर के बाद जमानत मिल चुकी है।

20 करोड़ की वसूली का है आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, संतोष कुमार कमीशन वसूली के सिंडिकेट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने तत्कालीन मंत्री आलमगीर आलम के आप्त सचिव (PS) संजीव कुमार लाल के इशारे पर टेंडर के बदले लगभग 20 करोड़ रुपये की कमीशन राशि वसूली थी। फिलहाल ईडी इस पूरे नेटवर्क और रुपयों के बंटवारे की कड़ी जांच कर रही है।

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