केवल दूसरे अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में 251.3 अंकों के साथ शीर्ष पर रहे प्रीतम
जर्मनी के सुहल में आयोजित हो रही आईएसएसएफ (ISSF) जूनियर विश्व चैम्पियनशिप 2026 में भारत के 16 वर्षीय निशानेबाज प्रीतम केंद्रे ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम किया। अपने करियर के केवल दूसरे अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में खेल रहे प्रीतम ने आठ खिलाड़ियों के कड़े फाइनल मुकाबले में गजब के संयम का परिचय दिया। उन्होंने 251.3 अंक का बेहतरीन स्कोर खड़ा कर शीर्ष स्थान हासिल किया। इस स्पर्धा में तटस्थ खिलाड़ी तिमोफेई अलेइनिकोव को रजत (Silver) और नॉर्वे के जेन्स ओएस्टली को कांस्य (Bronze) पदक से संतोष करना पड़ा।
‘गन फॉर ग्लोरी शूटिंग अकादमी’ के प्रशिक्षकों को दिया श्रेय, हर शॉट पर था फोकस
विश्व खिताब जीतने के बाद पुणे के रहने वाले इस युवा निशानेबाज ने आधिकारिक बयान जारी कर अपनी खुशी व्यक्त की। प्रीतम ने कहा कि पूरी प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने किसी भी तरह के दबाव को हावी नहीं होने दिया और उनका पूरा ध्यान केवल अपनी तकनीक और हर शॉट को बेहतर तरीके से खेलने पर था। हाल ही में अपनी 10वीं की परीक्षा पूरी करने वाले प्रीतम ने अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय ‘गगन नारंग गन फॉर ग्लोरी शूटिंग अकादमी’ को दिया।
आत्मविश्वास में बढ़ोतरी, भारत के लिए और पदक जीतने का है लक्ष्य
इस बड़ी खिताबी जीत से प्रीतम का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है और वे भविष्य के लिए बड़े लक्ष्य तय कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि वह 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखना चाहते हैं ताकि आने वाले वर्षों में देश के लिए कई और पदक जीत सकें।
चैंपियनशिप का विवरण: 84 सदस्यीय भारतीय दल दिखा रहा है दम
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आयोजन स्थल: सुहल, जर्मनी (चैंपियनशिप का यह 5वां संस्करण है)।
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वैश्विक भागीदारी: इस बार प्रतियोगिता में 70 देशों के 800 से अधिक निशानेबाज हिस्सा ले रहे हैं।
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भारतीय दल: भारत ने इस प्रतिष्ठित वैश्विक चैंपियनशिप में अपना 84 सदस्यीय मजबूत दल उतारा है।
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पिछला रिकॉर्ड: इससे पहले वर्ष 2024 में पेरू के लीमा में आयोजित हुई चैंपियनशिप में भारतीय दल 24 पदकों (13 स्वर्ण, 3 रजत और 8 कांस्य) के साथ पदक तालिका में शीर्ष स्थान पर रहा था।
जर्मनी में चल रही यह जूनियर विश्व चैम्पियनशिप 26 जून तक जारी रहेगी, जहां भारतीय निशानेबाजों से और भी पदकों की उम्मीदें हैं।
