35 C
Kolkata
Monday, April 20, 2026

ईरान ने अमेरिकी कमांड सेंटर और पैट्रियट सिस्टमों को बनाया निशाना

तेहरान। पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच 35 दिनाें से युद्ध जारी है। इस बीच, ईरान की सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी सैन्य ठिकानों और मिसाइल रक्षा प्रणालियों पर बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। इन हमलों में अमेरिका के कमांड सेंटर, पैट्रियट मिसाइल सिस्टम से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया।

ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार तसनीम न्यूज एजेंसी ने बताया कि, आईआरजीसी ने शनिवार को दावा किया कि ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत अमेरिकी सैन्य ठिकानों, पैट्रियट मिसाइल सिस्टमों और इजराइल से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया है।

आईआरजीसीके अनुसार, जिन ठिकानों पर हमले किए गए उनमें कुवैत के बुबियन द्वीप पर तैनात अमेरिकी हिमर्स (हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम) रॉकेट आर्टिलरी बैटरियां, उत्तरी बहरीन में एक अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल सिस्टम, अमेरिकी निर्मित मिसाइल सिस्टमों के संचालकों के जमावड़ा स्थल और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में अमेरिकी सेना के वरिष्ठ कमांडरों तथा प्रशिक्षकों के ठिकाने शामिल थे।

बयान में यह भी कहा गया कि इन हमलों के दौरान यूएई स्थित अमेरिकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी कंपनी ‘ओरेकल कॉर्पोरेशन’ को भी निशाना बनाया गया। इसके अलावा, एक वाणिज्यिक जहाज “एमसीएस इशिका” को निशाना बनाया गया। यह जहाज इज़राइली के स्वामित्व वाला है और किसी तीसरे देश के झंडे के नीचे चल रहा था। बहरीन के खलीफ़ा बिन सलमान बंदरगाह पर लंगर डाले इस जहाज पर आईआरजीसी ने प्रोजेक्टाइल से हमला किया।

आईआरजीसी ने कहा कि तेल अवीव, बनेई बराक, पेताह टिकवा, रामत गान और किर्यात शमोना में कई स्थानों पर बहु-वॉरहेड वाली ‘क़द्र’ मिसाइलों से लगातार और भारी हमले किए गए।

Related Articles

नवीनतम लेख