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Monday, July 13, 2026

नेपाल में प्रशिक्षु डॉक्टरों ने श्रम अधिकार, बेहतर सुविधाओं की मांग को लेकर किया प्रदर्शन

काठमांडू । नेपाल में प्रशिक्षु चिकित्सकों ने श्रम अधिकार, सेवा-सुविधाओं और कार्यस्थल की स्थिति में सुधार की मांग को लेकर शनिवार को काठमांडू के माइतीघर मंडला में प्रदर्शन किया।

“जेनजी सरकार, जेनजी डॉक्टरों को न्याय दो” के नारे के साथ एकत्रित हुए चिकित्सकों ने सात सूत्री मांगपत्र सार्वजनिक करते हुए सरकार, चिकित्सा शिक्षा आयोग, नेपाल चिकित्सा परिषद तथा संबंधित निकायों का ध्यान आकर्षित कराया।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि प्रशिक्षु चिकित्सकों (इंटर्न और रेजिडेंट डॉक्टरों) के लिए ड्यूटी समय को नेपाल श्रम अधिनियम-2074 के अनुसार प्रतिदिन अधिकतम 12 घंटे और सप्ताह में 72 घंटे तक सीमित किया जाए तथा सप्ताह में एक दिन अनिवार्य अवकाश सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने सभी प्रशिक्षु महिला चिकित्सकों को कानून के अनुसार वेतन सहित मातृत्व अवकाश उपलब्ध कराने, मातृत्व अवकाश के बाद अध्ययन और प्रशिक्षण को निरंतर जारी रखने की व्यवस्था करने तथा अनुबंध और स्थायी दोनों प्रकार की महिला स्वास्थ्यकर्मियों को समान रूप से प्रसूति अवकाश देने की मांग की।

प्रशिक्षु डॉक्टरों ने यह भी मांग की कि सरकार द्वारा बजट में बढ़ाए गए वेतन के अनुरूप रेजिडेंट डॉक्टरों को अधिकृत आठवें स्तर के बराबर पारिश्रमिक दिया जाए तथा सप्ताह में 48 घंटे से अधिक कार्य कराने पर श्रम कानून के अनुसार अतिरिक्त समय का भत्ता प्रदान किया जाए।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इंटर्न डॉक्टर स्नातक स्तर की पढ़ाई पूरी कर नेपाल चिकित्सा परिषद में प्रोविजनल पंजीकरण प्राप्त चिकित्सक होते हैं, इसलिए उन्हें कम से कम अधिकृत छठे स्तर के बराबर वेतन तथा अतिरिक्त समय कार्य करने पर भत्ता मिलना चाहिए।

प्रदर्शन में शामिल चिकित्सकों ने वर्तमान व्यवस्था को नवोदित डॉक्टरों के लिए अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि श्रम अधिकारों की रक्षा, उचित पारिश्रमिक, मानसिक स्वास्थ्य संरक्षण और अध्ययन के अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने के लिए संबंधित निकायों को तत्काल पहल करनी चाहिए।

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