सीवान। पूर्वोत्तर रेलवे, गोरखपुर के सहायक वाणिज्य प्रबंधक शिवशंकर प्रसाद के नेतृत्व में शुक्रवार को वैशाली एक्सप्रेस और बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में सघन टिकट जांच अभियान चलाया गया। इस विशेष अभियान के तहत नई दिल्ली से ललित ग्राम जाने वाली 15565 वैशाली एक्सप्रेस तथा दरभंगा से नई दिल्ली जाने वाली 12565 बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में औचक दबिश दी गई। इस दौरान करीब 50 यात्री बिना टिकट या अनियमित टिकट पर यात्रा करते हुए रंगे हाथों पकड़े गए, जिससे बेटिकट रेल यात्रियों में हड़कंप मच गया। रेलवे की टीम ने सख्त कार्रवाई करते हुए इन सभी यात्रियों से किराए और जुर्माने के रूप में कुल 27,800 रुपये राजस्व की वसूली की।
पेंट्री कार और अग्निशमन यंत्रों की भी हुई गहन जांच
जांच दल की यह कार्रवाई केवल यात्रियों के टिकट चेक करने तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि अधिकारियों ने ट्रेनों के रसोई यान (पेंट्री कार) का भी बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान पेंट्री कार में आपातकालीन सुरक्षा के लिए रखे गए अग्निशमन यंत्रों (Fire Extinguishers) की उपलब्धता और उनकी कार्यशीलता को परखा गया। इसके साथ ही रसोई यान में खाना बनाने और सेवा देने वाले सभी रेल कर्मचारियों के वैध पहचान पत्र (आईडी कार्ड) व अन्य जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। अधिकारियों ने ऑन द स्पॉट सुरक्षा और खाद्य गुणवत्ता से जुड़े कड़े मानकों का हर हाल में पालन करने के निर्देश दिए।
राजस्व सुरक्षा और नियम पालन के लिए जारी रहेगा अभियान
रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के सघन और विशेष जांच अभियानों का मुख्य उद्देश्य बिना टिकट यात्रा करने वाले लोगों पर प्रभावी रोक लगाना, रेलवे के राजस्व को नुकसान से बचाना और आम यात्रियों को रेल नियमों के प्रति जागरूक करना है। इसके साथ ही चलती ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा और खान-पान सेवाओं की उच्च गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आगे भी ऐसे औचक अभियान नियमित रूप से जारी रहेंगे। इस सफल कार्रवाई में मुख्य टिकट निरीक्षक आशुतोष शाही, पी.के. शुक्ला, आकाश शर्मा और राजेंद्र चौधरी सहित टिकट जांच दल के कई अन्य रेल कर्मचारी सक्रिय रूप से शामिल रहे।
