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Friday, April 17, 2026

राज्यपाल का कड़ा फैसला: विश्वविद्यालयों में संविदा नियुक्तियों पर तत्काल रोक, ओएसडी के पद हुए खत्म

रांची । झारखंड के सरकारी विश्वविद्यालयों में व्याप्त अनियमितताओं और नियुक्तियों में गड़बड़ी की शिकायतों पर राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने बड़ा एक्शन लिया है। राजभवन की ओर से जारी नए आदेशों ने विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है।

सीधी संविदा नियुक्तियों पर लगा ब्रेक
राज्यपाल ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में तृतीय और चतुर्थ वर्ग के पदों पर होने वाली संविदा नियुक्तियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। अब विश्वविद्यालय अपनी मर्जी से इन पदों पर बहाली नहीं कर सकेंगे।
नई व्यवस्था: यदि मैनपावर की आवश्यकता है, तो विश्वविद्यालयों को JAP-IT द्वारा सूचीबद्ध एजेंसियों के माध्यम से ही सेवाएं लेनी होंगी।
तीन साल का रिकॉर्ड तलब: पिछले 3 वर्षों में हुई सभी संविदा नियुक्तियों का पूरा ब्योरा 7 दिनों के भीतर राजभवन को सौंपने का निर्देश दिया गया है।

‘ओएसडी टू वीसी’ की नियुक्तियां अवैध घोषित
राजभवन ने स्पष्ट किया है कि कुलपतियों के विशेष कार्य पदाधिकारी (OSD to VC) का कोई आधिकारिक पद सृजित नहीं है। अतः इस पद पर की गई सभी नियुक्तियों को अवैध करार देते हुए कर्मियों को उनके मूल पद पर वापस भेजने का आदेश दिया गया है। इन पदों पर किए गए भुगतान की भी समीक्षा हो सकती है।

वित्तीय अनुशासन और बजट पर सख्ती
विश्वविद्यालयों को वित्तीय रूप से पारदर्शी बनाने के लिए कई कड़े निर्देश जारी किए गए हैं:
बैंक खाते: अब विवि अपनी राशि चालू खाते (Current Account) में नहीं रख सकेंगे। सारा फंड बचत खाते या FD में रखना होगा ताकि अधिकतम ब्याज मिल सके।
बजट: सत्र 2026-27 के बजट को सीनेट या सिंडिकेट से पास कराकर राजभवन भेजना अनिवार्य होगा।
अग्रिम राशि: शिक्षकों और कर्मचारियों द्वारा लिए गए सभी एडवांस का हिसाब 30 अप्रैल तक क्लियर करना होगा।

मानद उपाधियों पर भी नजर
विश्वविद्यालय अब अपनी मर्जी से किसी को डी.लिट या डीएससी जैसी मानद उपाधियां नहीं दे पाएंगे। ऐसी किसी भी डिग्री के लिए अब राजभवन की पूर्वानुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है।

रजिस्ट्रार का पक्ष: रांची विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार गुरु चरण साहू ने कहा है कि राजभवन के निर्देशों की जानकारी मिल गई है और विश्वविद्यालय प्रशासन तय समय सीमा के भीतर इन सभी आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करेगा।

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