पूर्वी सिंहभूम। जिले के चाकुलिया प्रखंड में जंगली हाथियों का उत्पात लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार की सुबह हवाई पट्टी क्षेत्र में एक स्कूली छात्रा जंगली हाथियों से बचने के दौरान घायल हो गई, वहीं दूसरी ओर रातभर हाथियों के बड़े झुंड ने गांवों में घुसकर किसानों की फसलों और बागानों को भारी नुकसान पहुंचाया। लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल है।
मिली जानकारी के अनुसार, माचाडीहा गांव निवासी छात्रा सुकुल सोरेन रोज की तरह सुबह साइकिल से मनोहर लाल प्लस टू हाई स्कूल जा रही थी। जैसे ही वह हवाई पट्टी क्षेत्र के पास पहुंची, अचानक सामने दो जंगली हाथी आ गए। हाथियों को देखते ही छात्रा घबरा गई और अपनी साइकिल छोड़कर जान बचाने के लिए झाड़ियों की ओर भागने लगी। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वह गिर पड़ी, जिससे उसके हाथ और कमर में चोट लग गई।
घटना के समय वहां से गुजर रहे कुछ ग्रामीणों की नजर घायल छात्रा पर पड़ी। उन्होंने तुरंत शोर मचाकर हाथियों को वहां से भगाया और छात्रा को सुरक्षित बाहर निकाला। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे घर भेज दिया। घटना की जानकारी वन विभाग को दे दी गई है।
इधर, चाकुलिया प्रखंड के घाघरा गांव में भी जंगली हाथियों के बड़े झुंड ने भारी तबाही मचाई। बताया जा रहा है कि करीब 25 हाथियों का दल घाटशिला क्षेत्र के आसना से निकलकर धालभूमगढ़ के रास्ते माटियाबांधी पंचायत के पहाड़ी इलाके में स्थित घाघरा गांव पहुंचा। रातभर हाथियों ने बागानों और खेतों में जमकर उत्पात मचाया।
ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों ने हर गोविंद सिंह के खेत में लगे आम और कटहल के पेड़ों को नुकसान पहुंचाया। कई पेड़ तोड़ दिए, जबकि कटहल के फलों को खाकर और गिराकर बर्बाद कर दिया गया। इसके अलावा काजू के बागानों में भी हाथियों ने भारी नुकसान पहुंचाया, जिससे किसानों को आर्थिक रूप से बड़ा झटका लगा है।
घटना के बाद हाथियों का झुंड बर्डीकानपुर-कालापाथरा पंचायत के जामिरा पहाड़ की ओर बढ़ गया है। इतने बड़े झुंड के गांवों के समीप पहुंचने से आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण रातभर जागकर अपने घरों और फसलों की रखवाली करने को विवश हैं।
गरमा धान की खेती कर रहे किसानों की चिंता भी बढ़ गई है, क्योंकि हाथियों के झुंड के खेतों में पहुंचने से उनकी पूरी फसल बर्बाद होने का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से इलाके में लगातार निगरानी रखने, त्वरित गश्ती दल तैनात करने और हाथियों को आबादी से दूर जंगलों की ओर खदेड़ने की मांग की है।

