रांची । रांची की एक विशेष अदालत ने मादक पदार्थ (गांजा) तस्करी के करीब चार साल पुराने मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए दोषी कुंदन कुमार को 5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. अपर न्यायायुक्त शैलेंद्र कुमार की अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. यदि दोषी इस जुर्माने की राशि को जमा नहीं करता है, तो उसे एक वर्ष की अतिरिक्त साधारण जेल की सजा काटनी होगी.
इससे पहले अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें और सबूतों को देखने के बाद बीते 12 जून को कुंदन कुमार को दोषी करार दिया था. अदालत ने माना था कि अभियोजन पक्ष (Prosecution) ने आरोपी के खिलाफ आरोपों को संदेह से परे साबित किया है. दोषी ठहराए जाने के तुरंत बाद उसकी जमानत याचिका खारिज कर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था.
क्या है पूरा मामला?
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गुप्त सूचना पर कार्रवाई: यह मामला 30 जुलाई 2022 का है. हटिया के तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक (DSP) को गुप्त सूचना मिली थी कि भारी मात्रा में मादक पदार्थ की खेप ले जाई जा रही है.
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चेकिंग के दौरान गिरफ्तारी: सूचना के आधार पर जगन्नाथपुर थाना पुलिस ने लटमा रोड पर सघन चेकिंग अभियान चलाया. इसी दौरान खूंटी की तरफ से बाइक पर आ रहे दो लोग पुलिस को देखकर भागने लगे. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर दोनों को खदेड़कर पकड़ लिया, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल था.
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5.3 किलो गांजा बरामद: जब पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों की तलाशी ली, तो उनके पास से 5.3 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ.
ओडिशा से लाकर नामकुम में खपाने की थी तैयारी
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया था कि वे इस खेप को ओडिशा से तस्करी कर लाए थे. वे इस गांजे को रांची के नामकुम स्थित तुंबागुटू की एक दुकान में बेचने जा रहे थे. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी मूल रूप से पड़ोसी राज्य बिहार के वैशाली जिले के रहने वाले हैं.
