देवघर । उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में सोमवार को सूचना भवन सभागार में फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल से संबंधित एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में जिले के सभी थोक एवं खुदरा उर्वरक विक्रेताओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि देवघर के लिए यह गर्व की बात है कि उर्वरक क्षेत्र में संचालित महत्वाकांक्षी पायलट परियोजना के लिए भारत सरकार ने जिले का चयन किया है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से उर्वरक वितरण और बिक्री व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और आधुनिक बनाया जा रहा है। इसी उद्देश्य से सभी संबंधित हितधारकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
उपायुक्त ने सभी थोक और खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को नए फ्रेमवर्क के नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रणाली और निर्धारित मानकों के अनुरूप ही उर्वरकों की बिक्री की जाए, ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी जैसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्रशिक्षण के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल के तहत लागू नए नियमों, स्टॉक प्रबंधन, पॉइंट ऑफ सेल मशीन के उपयोग और डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी।
साथ ही विक्रेताओं की विभिन्न जिज्ञासाओं और समस्याओं का समाधान भी किया गया। इस अवसर पर डॉ वीणा कुमारी टुडु, राजन ओझा, रोहित कुमार विद्यार्थी, विभिन्न प्रखंडों के कृषि पदाधिकारी, एटीएम, बीटीएम और जिले के थोक एवं खुदरा उर्वरक विक्रेता उपस्थित थे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य उर्वरक बिक्री व्यवस्था को तकनीक आधारित, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाना था, जिससे किसानों को समय पर और उचित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराया जा सके।
