भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शनिवार शाम रिमझिम बारिश के बीच भगवान जगन्नाथ, भाई बलराम और बहन सुभद्रा की भव्य रथयात्रा श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। यात्रा में देश के विभिन्न राज्यों के श्रद्धालुओं के साथ रूस और अमेरिका से आए कृष्ण भक्त भी शामिल हुए। पूरे मार्ग पर “हरे कृष्ण, हरे कृष्ण” के जयघोष और भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
इस वर्ष रथयात्रा का मुख्य आकर्षण ओडिशा के पुरी स्थित नंदीघोष रथ की तर्ज पर तैयार किया गया भव्य रथ रहा। लगभग 27 फीट ऊंचे इस रथ को खींचने के लिए बारिश के बावजूद हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े। पारंपरिक वेशभूषा में सजे महिला, पुरुष और बच्चों ने झांझ-मंजीरों की थाप पर भक्ति नृत्य प्रस्तुत किया। इस्कॉन रूस के वरिष्ठ प्रचारक द्विजमणि प्रभु ने भी श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश दिया। विदेशी कृष्ण भक्त भारतीय परिधान में संकीर्तन करते हुए आकर्षण का केंद्र बने रहे।
जनप्रतिनिधियों ने की आरती, प्रमुख मार्गों से निकली यात्रा
रथयात्रा भोपाल टॉकीज से प्रारंभ होकर हमीदिया रोड, भारत टॉकीज, रोशनपुरा चौराहा, रंगमहल और न्यू मार्केट होते हुए माता मंदिर स्थित प्लेटिनम प्लाजा तक पहुंची। यात्रा के शुभारंभ पर भोपाल की महापौर मालती राय ने भगवान जगन्नाथ की आरती कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। मार्ग में आयोजित राजभोग आरती में राज्यमंत्री कृष्णा गौर शामिल हुईं, जबकि समापन अवसर पर कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने महाआरती की।
400 किलो खाजा और हजारों श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद
आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं के लिए विशेष महाप्रसाद की व्यवस्था की। यात्रा मार्ग पर पुरी का प्रसिद्ध 400 किलोग्राम खाजा वितरित किया गया। वहीं समापन स्थल पर 5 से 7 हजार श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध देसी घी से तैयार हलवे का महाप्रसाद परोसा गया।
रथयात्रा को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। हमीदिया रोड, न्यू मार्केट सहित पूरे मार्ग पर पुलिस और यातायात कर्मियों की तैनाती की गई, ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
