पूर्वी सिंहभूम। पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा प्रखंड स्थित ओड़िया मौजा में संचालित पत्थर खदान और खनन कार्य के विरोध में मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने खनन कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
दुखी सोरेन के नेतृत्व में हुआ प्रदर्शन
पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन की पुत्री दुखी सोरेन के नेतृत्व में ग्रामीणों ने नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कई ग्रामीणों के हाथों में तीर-धनुष सहित पारंपरिक हथियार और विरोध संबंधी तख्तियां थीं।
अवैध खनन और प्रदूषण का लगाया आरोप
ग्रामीणों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि पटमदा प्रखंड के ओड़िया मौजा अंतर्गत लायाडीह, चिरूडीह और ओड़िया गांव में स्वीकृत क्षेत्र से अधिक भूमि पर पिछले लगभग 20 वर्षों से पत्थर का अवैध खनन किया जा रहा है। उनका कहना है कि लगातार हो रहे विस्फोट, धूल और प्रदूषण से आसपास के गांवों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
बड़े हादसे की आशंका जताई
ग्रामीणों ने बताया कि खदान के समीप विद्यालय, आवास, गौराम थान और गांव के बीच से गुजरने वाली 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन मौजूद है। ऐसे में खनन गतिविधियों से किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। उनका आरोप है कि ग्रामसभा की सहमति के बिना खनन कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है, जबकि पंचायत के ग्रामीण इसका विरोध कर चुके हैं।
खनन पर रोक और निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि प्रस्तावित पत्थर खदान की स्वीकृति पर तत्काल रोक लगाई जाए, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और पर्यावरण तथा ग्रामीणों के जीवन पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए खनन कार्य बंद कराया जाए। ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला खनन पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी, पटमदा को भी भेजी गई है।
प्रदर्शन में जगन्नाथ माझी बाबा, जाजदा होम्ब्रोम सहित लायाडीह, चिरूडीह, ओड़िया और आसपास के गांवों के बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
