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Wednesday, May 20, 2026

मैट्रिक परीक्षा के खराब रिजल्ट पर DC सख्त, 12 स्कूलों के प्राचार्यों और शिक्षकों को लगाई कड़ी फटकार

धनबाद । जिले में मैट्रिक (कक्षा 10वीं) परीक्षा के निराशाजनक परिणामों को लेकर उपायुक्त (DC) आदित्य रंजन ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। जिले के 12 ऐसे सरकारी स्कूलों, जहाँ 10 प्रतिशत या उससे अधिक छात्र फेल हो गए हैं, उनके प्राचार्यों और शिक्षकों को उपायुक्त ने जमकर फटकार लगाई। समाहरणालय में आयोजित एक विशेष समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कंपार्टमेंटल परीक्षा में भी छात्र असफल रहे, तो जिम्मेदार शिक्षकों पर गाज गिरना तय है।

संसाधनों की कमी नहीं, फिर ऐसा परिणाम क्यों?
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री उत्कृष्ट कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (निरसा) समेत चिन्हित 12 स्कूलों के हेडमास्टर और शिक्षक मौजूद रहे। उपायुक्त आदित्य रंजन ने बैठक में खरी-खरी सुनाते हुए कहा सरकार का मुख्य उद्देश्य आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। ऐसे में शिक्षकों की जिम्मेदारी सिर्फ सिलेबस पूरा कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि हर बच्चे की सफलता सुनिश्चित करना उनकी नैतिक जवाबदेही है। जिला प्रशासन ने स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए संसाधनों और सुविधाओं में कोई कमी नहीं छोड़ी। इसके बावजूद ऐसा खराब परिणाम आना शिक्षकों की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

कमजोर छात्रों के लिए चलेंगी विशेष कक्षाएं
भविष्य में सुधार के लिए उपायुक्त ने सख्त निर्देश दिया है कि फेल हुए या कमजोर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को चिन्हित किया जाए। इन बच्चों के लिए विशेष कक्षाएं (एक्स्ट्रा क्लासेस) चलाकर उन्हें कंपार्टमेंटल परीक्षा की ठोस तैयारी कराई जाए। इस बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) अभिषेक झा भी उपस्थित थे। समीक्षा के दौरान निरसा, टुंडी, बाघमारा, तोपचांची, भूली और चिरकुंडा क्षेत्र के कई स्कूलों के परीक्षा परिणामों पर बिंदुवार चर्चा की गई।

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