पांच देशों की यात्रा के आखिरी पड़ाव पर रोम पहुंचे पीएम मोदी; रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029 की होगी समीक्षा
रोम (इटली) । भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी पांच देशों की महत्वपूर्ण विदेश यात्रा के अंतिम पड़ाव पर इटली की राजधानी रोम पहुंच गए हैं। स्वदेश रवाना होने से पहले आज पीएम मोदी इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मैटारेला से शिष्टाचार भेंट करेंगे और अपनी इतालवी समकक्ष जियोर्जिया मेलोनी के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। रोम पहुंचने पर इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर गर्मजोशी से लिखा, “रोम में आपका स्वागत है, मेरे दोस्त!”
पीएम मोदी ने शेयर की तस्वीरें, साझा कीं दौरे की मुख्य बातें
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर रोम पहुंचने की जानकारी देते हुए चार शानदार तस्वीरें साझा की हैं। उन्होंने इस दौरे के मुख्य एजेंडे को स्पष्ट करते हुए लिखा “इस दौरे का मुख्य जोर भारत और इटली के बीच सहयोग को मजबूत करने पर होगा, जिसमें ‘भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा’ (IMEC) पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच ‘संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029’ की भी समीक्षा की जाएगी।”

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि वह रोम स्थित संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) के मुख्यालय का भी दौरा करेंगे, जो वैश्विक खाद्य सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा।
क्यों बेहद खास है ‘भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा’ (IMEC)?
इस दौरे में दोनों देशों के बीच व्यापारिक और रणनीतिक दृष्टि से ‘भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा’ सबसे बड़ा मुद्दा है। यह प्रोजेक्ट क्यों गेम-चेंजर है, इसे इन बिन्दुओं से समझा जा सकता है:
ऐतिहासिक कनेक्टिविटी: सितंबर 2023 में नई दिल्ली G20 शिखर सम्मेलन के दौरान घोषित यह एक महत्वाकांक्षी मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी परियोजना है, जो समुद्री, रेल और सड़क नेटवर्क के जरिए भारत, मध्य पूर्व और यूरोप को सीधे जोड़ेगी।
दो हिस्सों में बंटा रूट: इसका ‘पूर्वी गलियारा’ भारतीय बंदरगाहों को समुद्र के रास्ते UAE और सऊदी अरब से जोड़ेगा। वहीं, ‘उत्तरी गलियारा’ रेल नेटवर्क के जरिए सऊदी अरब, जॉर्डन होते हुए इजराइल के हाइफा बंदरगाह तक जाएगा, जहाँ से समुद्र के रास्ते यूरोप तक पहुंच आसान होगी।
सिर्फ व्यापार नहीं, डिजिटल क्रांति भी: इस बड़े प्रोजेक्ट में भारत, अमेरिका, UAE, सऊदी अरब, फ्रांस, जर्मनी, इटली और इजराइल शामिल हैं। यह गलियारा सिर्फ माल ढुलाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें हाईस्पीड डेटा और इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए अंडरवाटर (सबमरीन) केबल नेटवर्क भी बिछाया जाएगा, जिससे भारत और यूरोप के बीच व्यापार का समय काफी घट जाएगा।

दोनों देशों के बीच मजबूत हो रही इस रणनीतिक साझेदारी को वैश्विक मंच पर बेहद अहम माना जा रहा है। इससे पहले पीएम मोदी जून 2024 में जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए इटली आए थे।

