झारखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष और विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने राज्य के प्रोन्नति प्राप्त पदाधिकारियों की पोस्टिंग नहीं करने को लेकर राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा है।
बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया एक्स पर रविवार को लिखा है कि यह बहुत अफ़सोस की बात है कि झारखंड के कुछ लापरवाह और तानाशाह अफ़सर राज्य को क़ानून के मुताबिक नहीं, बल्कि अपनी मनमर्जी से चला रहे हैं। ऐसा लगता है मानों सारे नियम क़ानून और सुविधाएं उनके फायदे और निजी लाभ के लिये बनाये गये हों।
उन्होंने कहा कि हमें बताया गया है कि पुलिस विभाग में पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के पद पर पदोन्नत हुए अधिकारियों की पोस्टिंग चार-पांच महीने से अधिक समय तक लंबित रखी जाती है। कई मामलों में तो पोस्टिंग उनकी सेवानिवृत्ति के सिर्फ दो-चार दिन पहले की जाती है। इस वजह से ऐसे प्रोमोशन पाये लोगों को जो वास्तविक लाभ मिलना चाहिए, वो नहीं मिल पाता।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कनिष्ठ कर्मचारियों की स्थिति तो और भी बदतर है। उनकी पदोन्नति की फाइलें विभागीय जटिल प्रक्रियाओं में सालों तक अटकी रहती हैं। कई बार तो कर्मचारी अदालती आदेश भी ले लेते हैं, फिर भी उन्हें लाभ नहीं मिल पाता। इसके विपरीत आईएएस-आईपीएस अधिकारी अपनी पदोन्नति और उसका लाभ समय पर पाने के लिए महीनों पहले से ही सारी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर लेते हैं।
मरांडी ने कहा कि कई राज्य कर्मचारी जब उनसे मिलते हैं तो इस मुद्दे पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हैं। इससे उनमें व्यापक असंतोष पैदा हो रहा है।उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की कि समय पर प्रोन्नति और लाभ की व्यवस्था में वरीय और कनीय आईएएस-आईपीएस तथा राज्य कर्मचारियों के बीच दोहरे मापदंड और भेदभाव को रोका जाए। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था सभी के लिए समान और निष्पक्ष होनी चाहिए।


