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Monday, May 11, 2026

“मंईयां सम्मान योजना” महिलाओं का सम्मान नहीं, बल्कि सरकार का एक राजनीतिक हथकंडा है: राफिया नाज

झारखंड भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज ने “माईयां सम्मान योजना” को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने राज्य सरकार पर वादाखिलाफी का भी आरोप लगाया है। भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज ने रविवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि “मंईयां सम्मान योजना” असल में महिलाओं का सम्मान नहीं, बल्कि सरकार की राजनीतिक नौटंकी है। यह सरकार चुनाव से पहले वादे करती है और चुनाव के बाद उन्हें कूड़ेदान में फेंक देती है। महिलाओं के नाम पर यह सबसे बड़ा राजनीतिक छल है।
राफिया ने कहा कि प्रदेश के दर्जनों जिलों से लगातार शिकायतें आ रही हैं कि महिलाओं को फॉर्म तक उपलब्ध नहीं कराए जा रहे। यह शर्मनाक है कि जिन महिलाओं के लिए योजना बनाई गई, वही महिलाएं दफ्तर-दफ्तर भटकने को मजबूर हैं, लेकिन सरकारी तंत्र उन्हें फॉर्म तक नहीं दे पा रहा है। ऐसी योजना का क्या उपयोग, जिसमें प्रवेश-द्वार ही बंद हों?
नाज ने कहा कि जिन महिलाओं ने किसी तरह फॉर्म भरे,उनमें से 65प्रतिशत महिलाओं को आज तक एक पैसे की भी राशि नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने महिलाओं को झूठे आश्वासनों और खोखली तारीखों के सिवाय कुछ नहीं दिया, एक तरफ़ “मंईयां सम्मान योजना” की लॉलीपॉप और दूसरी तरफ़ सरकारी सहायता के सारे दरवाज़े बंद। सरकार महिलाओं का पैसा रोककर बैठी है और आम जनता को सपना दिखा रही है। यह शर्मनाक और निर्दयी सरकार है।राफिया नाज ने कहा कि सरकार और उसके अधिकारी मिलकर इस योजना को फर्जी आंकड़ों और पोस्टर बाज़ी के दम पर चला रहे हैं। असल में योजना आधी से ज़्यादा जिलों में ठप पड़ी है, लेकिन सरकार झूठ को ही उपलब्धि बनाकर बेच रही है। यह सरकार जनता को सत्य नहीं, सिर्फ़ प्रचार और भ्रम देती है। यह ‘सम्मान योजना’ नहीं, ‘वोट योजना’ है।

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