सारण (छपरा)| विश्व संगीत दिवस के उपलक्ष्य में कला और साहित्य को समर्पित देश की प्रतिष्ठित संस्था ‘अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती’ की सारण इकाई द्वारा ‘सुर वंदन’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। स्थानीय सरस्वती शिशु विद्या मंदिर (दर्शन नगर, छपरा) के सभागार में आयोजित यह अनूठा कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा, जिसमें सुर, ताल और विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत मुख्य अतिथि विनोद मिश्र, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के विभाग व्यवस्था प्रमुख ओम प्रकाश गुप्ता, संस्कार भारती उत्तर बिहार के महामंत्री सुरभित दत्त, छपरा की विधायक छोटी कुमारी, विद्यालय प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष रामेश्वर यादव तथा प्रधानाचार्य विनोद कुमार द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इसके बाद मंजू कुमारी एवं उनके सहयोगियों द्वारा संस्कार भारती के पारंपरिक ध्येय गीत की सुमधुर प्रस्तुति दी गई। उत्तर बिहार प्रांतीय कला टोली के संयोजक चंद्र मिश्रा ने विषय प्रवेश कराते हुए मानव जीवन में संगीत और कला के गहरे महत्व पर प्रकाश डाला। मंच का कुशल संचालन भंवर किशोर द्वारा किया गया।
कथक, जुगलबंदी और काव्य पाठ ने बांधा समां; कलाकार हुए सम्मानित
कार्यक्रम के संयोजक मोहित कुमार सिंह ने बताया कि इस विशेष अवसर पर मां सरस्वती के उपासकों और स्थानीय कला साधकों ने अपनी कला के कई बेहतरीन रंग बिखेरे। सांस्कृतिक संध्या के दौरान हुए मुख्य आकर्षण निम्नलिखित रहे:
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नृत्य व संगीत: कलाकारों ने शास्त्रीय कथक नृत्य की मनमोहक मुद्राओं, एकल व समूह गीतों और विभिन्न वाद्य यंत्रों की शानदार जुगलबंदी से सभागार में उपस्थित दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
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काव्य पाठ: संगीत के साथ-साथ इस सत्र में जुटे कवियों ने वीर रस की कविताओं और हास्य-व्यंग्य की रचनाओं की प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें श्रोताओं ने काफी सराहा।
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सम्मान समारोह: कला, संगीत और साहित्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर जिला व राज्य का नाम रोशन करने वाले प्रतिभावान कलाकारों को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
सामूहिक ‘वंदे मातरम’ के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
इस गरिमामयी और सुरमयी संध्या का आनंद लेने के लिए कला जगत के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। दर्शकों और श्रोताओं के रूप में मुख्य रूप से आदित्य सोनी, उदय श्रीवास्तव, सुरेश चौबे, अनिशा कुमारी, विवेक समदर्शी, विश्वनेक समदर्शी, अमरेंद्र सिंह, राजनंदिनी, ललितेश गर्ग, राकेश कुमार सिंह, कौशलेश गर्ग, सौम्या कुमारी, उदय नारायण सिंह, सुप्रशात कुमार सिंह, शालिनी कुमारी, उदय कुमार, प्रेम गुप्ता और मेहंदी शॉ सहित सैकड़ों प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत सामूहिक ‘वंदे मातरम’ गान के साथ संपन्न हुआ।
