गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां देवरी-हीरोडीह थाना क्षेत्र के बरवाबाद (बंगारो) गांव में जमीन विवाद को लेकर हुई हिंसक मारपीट में एक 40 वर्षीय युवक, इंद्रदेव यादव की मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया और पुलिस की कथित लापरवाही से नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर जमकर हंगामा किया।
शव गांव पहुंचते ही फूटा गुस्सा, मुख्य मार्ग किया जाम
सोमवार की शाम जैसे ही मृतक इंद्रदेव यादव का शव पोस्टमार्टम के बाद उनके पैतृक गांव बरवाबाद पहुंचा, परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस प्रशासन के खिलाफ आक्रोशित ग्रामीणों ने रात लगभग 8 बजे खरगडीहा-खिजुरी मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया।
ग्रामीणों का आरोप था कि स्थानीय पुलिस की लापरवाही के कारण ही यह वारदात हुई है। आंदोलनकारी मांग कर रहे थे कि हत्या में शामिल सभी दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और हीरोडीह के थाना प्रभारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। करीब 3 घंटे तक चले इस भारी जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद हटा जाम
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ (SDPO) अमरेंद्र कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित ग्रामीणों को काफी समझाया-बुझाया और दो मुख्य आश्वासन दिए:
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घटना में शामिल सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
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हीरोडीह थाना प्रभारी पर लगे लापरवाही के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों से मिले इस ठोस आश्वासन के बाद रात करीब साढ़े दस बजे ग्रामीणों ने सड़क से जाम हटाया और यातायात बहाल हो सका।
10 लोगों पर मुकदमा दर्ज, मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
इस पूरे मामले में मृतक इंद्रदेव यादव की पत्नी नीतू देवी की शिकायत पर हीरोडीह थाने में कांड संख्या 71/26 के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है।
पुलिस का बयान: हीरोडीह थाना प्रभारी महेश चंद्र ने बताया कि इस खूनी संघर्ष के मामले में कुल 10 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले के मुख्य आरोपी भोला यादव को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी बचे अन्य 9 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और उन्हें भी जल्द ही दबोच लिया जाएगा।
