मेदिनीपुर । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद पश्चिम मेदिनीपुर जिले में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। मंगलवार को जहाँ भाजपा समर्थकों ने विजय उत्सव मनाया और मंदिरों में माथा टेका, वहीं कई इलाकों से हिंसा और दफ्तरों में तोड़फोड़ की खबरें भी सामने आईं। प्रशासन स्थिति को संभालने के लिए अलर्ट मोड पर है।
नवनिर्वाचित विधायकों ने जताया जनता का आभार
जीत के बाद भाजपा विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ा दी है:
नारायणगढ़: विधायक रमाप्रसाद गिरी ने बेलदा के देउली शिव मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने इस जीत को जनता के भरोसे की जीत बताते हुए सर्वांगीण विकास का वादा किया।
केशियाड़ी: विधायक भद्र हेमरम ने दांतन थाने पहुँचकर प्रशासनिक अधिकारियों को शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए धन्यवाद दिया।
मेदिनीपुर शहर: विधायक शंकर गुच्छाइत ने कार्यकर्ताओं के साथ जीत की खुशी साझा की और समर्थकों का मुंह मीठा कराया।
एबीवीपी का जश्न और विजय जुलूस
जिले के शैक्षणिक संस्थानों में भी जीत की गूंज सुनाई दी। बेलदा कॉलेज और नारायणगढ़ जनरल डिग्री कॉलेज के बाहर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने अबीर खेलकर और मिठाई बांटकर जश्न मनाया। खड़गपुर सदर में कार्यकर्ताओं ने मंदिरों में हनुमान चालीसा का पाठ कर शांति और समृद्धि की कामना की।
हिंसा और तोड़फोड़: टीएमसी दफ्तरों पर हमला!
उत्सव के बीच जिले के कई हिस्सों से तनाव की खबरें भी आईं:
नारायणगढ़: यहाँ तृणमूल नेता रंजीत बोस के निजी कार्यालय में तोड़फोड़ की गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नौकरी के नाम पर पैसे लिए गए थे, जिससे आक्रोश फैला।
खड़गपुर: खड़गपुर की चेयरपर्सन कल्याणी घोष ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थकों ने टीएमसी के पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ की और वार्ड नंबर सात में महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। कई जगहों पर टीएमसी के बैनर जलाने की भी खबरें हैं।
प्रशासन की पैनी नजर
हिंसा की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल ने प्रभावित इलाकों में मोर्चा संभाल लिया है। चुनाव आयोग के ‘जीरो टॉलरेंस’ निर्देश के बाद पुलिस संदिग्धों की पहचान कर रही है ताकि स्थिति और न बिगड़े।

