लंदन । फुटबॉल जगत में ‘गनर्स’ के नाम से मशहूर आर्सेनल ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यह टीम इतिहास बदलने के लिए तैयार है। घरेलू मैदान एमिरेट्स स्टेडियम में खेले गए सेमीफाइनल के रोमांचक दूसरे चरण में आर्सेनल ने एटलेटिको मैड्रिड को 1-0 से हराकर 20 साल बाद यूईएफए चैंपियंस लीग (UCL) के फाइनल में जगह बना ली है।
बुकायो साका बने जीत के हीरो
पहले चरण का मुकाबला 1-1 की बराबरी पर छूटने के बाद, दूसरे चरण में दबाव आर्सेनल पर था। लेकिन 44वें मिनट में बुकायो साका ने वह कर दिखाया जिसका इंतजार फैंस दशकों से कर रहे थे। विक्टर ग्योकेरेस के मूव और ट्रॉसार्ड के शॉट के रिबाउंड पर साका ने शानदार गोल दागकर टीम को बढ़त दिलाई, जो अंत में निर्णायक साबित हुई। आर्सेनल ने एग्रीगेट स्कोर 2-1 से फाइनल का टिकट कटाया।
2006 की कड़वी यादें मिटाने का मौका
आर्सेनल आखिरी बार 2006 में चैंपियंस लीग के फाइनल में पहुंची थी, जहाँ उन्हें बार्सिलोना के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। दो दशक के लंबे इंतजार के बाद मिकेल आर्टेटा की यह टीम क्लब को उसका पहला चैंपियंस लीग खिताब दिलाने से महज एक कदम दूर है।
मैच का लेखा-जोखा: डिफेंस ने जीती बाजी
पहला हाफ: एटलेटिको ने शुरुआती आक्रामकता दिखाई, लेकिन साका के गोल ने मैच का रुख मोड़ दिया।
दूसरा हाफ: एटलेटिको मैड्रिड ने वापसी के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाया, लेकिन आर्सेनल के अभेद्य डिफेंस और गोलकीपर की मुस्तैदी ने स्पेनिश क्लब के हर वार को नाकाम कर दिया।
खिताब का गणित: ‘डबल’ की तैयारी
आर्सेनल न केवल चैंपियंस लीग के फाइनल में है, बल्कि प्रीमियर लीग के खिताब की दौड़ में भी सबसे आगे है। अब 30 मई को बुडापेस्ट में होने वाले फाइनल में उनका सामना पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) या बायर्न म्यूनिख से होगा।
“यह जीत आर्सेनल की नई और मजबूत मानसिकता का प्रमाण है। कोच आर्टेटा के नेतृत्व में यह टीम अब किसी भी बड़े मंच पर डरने वाली नहीं है।”

