भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा संगठनात्मक कदम उठाते हुए जिले की पूरी संगठनात्मक कार्यकारिणी भंग कर दी है। जिला, मंडल, मोर्चा, प्रकोष्ठ, प्रकल्प, विभाग और बूथ स्तर तक की सभी वर्तमान इकाइयों को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया गया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उपचुनाव में हार की समीक्षा के लिए गठित विशेष समिति की अनुशंसा पर यह कार्रवाई की। इससे पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव के निवास पर वरिष्ठ नेताओं की बैठक में हार के कारणों की समीक्षा के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया गया था।
समीक्षा समिति के गठन के कुछ घंटे बाद ही संगठन ने दतिया जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह सहित जिला पदाधिकारियों, कार्यसमिति, मंडल अध्यक्षों, मोर्चा, प्रकोष्ठ, प्रकल्प और विभागों की सभी इकाइयों को भंग करने का आदेश जारी कर दिया।
दतिया उपचुनाव में भाजपा ने पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया था। टिकट बदलने के बाद पार्टी के भीतर विरोध सामने आया था और कई पदाधिकारियों ने इस्तीफे की पेशकश भी की थी। हालांकि उस समय संगठन ने कोई इस्तीफा स्वीकार नहीं किया था।
समीक्षा बैठक में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने चुनाव के दौरान कथित भीतरघात से जुड़े ऑडियो और व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट प्रस्तुत किए। इसके बाद प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे और वरिष्ठ नेता अंबाराम कराड़ा की दो सदस्यीय समिति गठित की गई, जो हार के कारणों और संगठन की भूमिका की विस्तृत जांच करेगी।
भाजपा सूत्रों के अनुसार, समिति चुनाव से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से चर्चा कर अपनी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपेगी। वहीं, जिला कार्यकारिणी भंग होने और भीतरघात के आरोपों के बाद दतिया की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
