ढाका। बांग्लादेश की एकमात्र सरकारी तेल रिफाइनरी ‘ईस्टर्न रिफाइनरी लिमिटेड’ में कच्चे तेल की कमी के कारण उत्पादन रोक दिया गया है। यह रिफाइनरी चटगांव (अब चटोग्राम) में है। रिफाइनरी की दो मुख्य इकाइयों में मंगलवार दोपहर को उत्पादन निलंबित कर दिया गया। हालाकि, तीसरी इकाई आंशिक रूप से चल रही है और बहुत कम मात्रा में पेट्रोल और ऑक्टेन का उत्पादन कर रही है। ऊर्जा और खनिज संसाधन प्रभाग के प्रवक्ता मोनीर हुसैन चौधरी ने इसकी पुष्टि की। रिफाइनरी के किसी भी अधिकारी ने इस पर टिप्पणी करने से मना कर दिया।
ढाका ट्रिब्यून की सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट के अनुसार, यह संकट कच्चे तेल की आपूर्ति में कमी के कारण पैदा हुआ है। यह संकट मध्य-पूर्व में चल रहे संघर्ष से जुड़ी बाधाओं के कारण और भी गहरा गया है। कच्चे तेल की एक खेप सऊदी अरब में फंसी हुई है। इसके कारण इस महीने की शुरुआत से ही मौजूदा भंडार में कमी आने लगी है।रिफाइनरी 5 अप्रैल से ही वैकल्पिक उपायों के सहारे काम चला रही थी। ईस्टर्न रिफाइनरी आमतौर पर प्रतिदिन लगभग 4,500 टन कच्चे तेल को प्रोसेस करती है, जिससे ऑक्टेन, पेट्रोल, डीजल और फर्नेस ऑयल सहित लगभग 13 प्रकार के ईंधन का उत्पादन होता है।
कच्चे तेल की कमी के कारण पिछले एक महीने से उत्पादन पहले ही घटकर लगभग 3,500 टन प्रतिदिन रह गया है। बताया गया है कि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण पैदा हुई अस्थिरता के चलते पिछले लगभग दो महीनों से कच्चे तेल का आयात रुका हुआ है। अगली खेप मई के पहले सप्ताह में आने की उम्मीद है। रिफाइनरी की कच्चे तेल के भंडारण की क्षमता लगभग 150,000 टन है, और यह 250,000 टन तक परिष्कृत ईंधन का भंडारण कर सकती है।
सरकार का कहना है कि रिफाइनरी के बंद होने के बावजूद देश में ईंधन की कमी का कोई तत्काल खतरा नहीं है। देश में परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार है।यहां तक कि संघर्ष शुरू होने के बाद से सरकार ने ऊंची कीमतों पर भी इन उत्पादों की खरीद की है।

