पटना । बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने रासायनिक खादों के अंधाधुंध प्रयोग पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से आज मानव स्वास्थ्य के साथ-साथ हमारी उपजाऊ भूमि और पर्यावरण को भी अपूरणीय क्षति हो रही है। यदि हमें अपनी आने वाली पीढ़ी को एक सुरक्षित, स्वस्थ और समृद्ध भविष्य देना है, तो हमें हर हाल में जैविक और प्राकृतिक खेती को अपनाना होगा।
कृषि मंत्री सिन्हा गुरुवार को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु पहुंचे। उन्होंने वहां प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु एवं आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर से मुलाकात कर मार्गदर्शन प्राप्त किया। साथ ही श्री श्री एग्रीकल्चर ट्रस्ट द्वारा विकसित पेटेंटेड जैविक डीएपी एवं अन्य जैविक उर्वरकों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। ट्रस्ट के वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों के साथ जैविक खेती, प्राकृतिक कृषि एवं रासायनिक उर्वरकों के विकल्पों पर चर्चा की।
कृषि मंत्री सिन्हा ने कहा कि ट्रस्ट द्वारा विकसित यह जैविक उर्वरक आने वाले समय में हमारे किसानों के लिए वरदान साबित हो सकता है। यह रासायनिक उर्वरकों का सबसे प्रभावी और बेहतरीन विकल्प है।
सिन्हा ने कहा कि बिहार सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य में ‘कृषि रोड मैप’ के माध्यम से बड़े पैमाने पर जैविक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। बेंगलुरु में अनुसंधानित यह जैविक तकनीक बिहार के कृषि रोड मैप को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।
कृषि मंत्री ने विश्वास जताया कि इस प्रकार के उन्नत और पेटेंटेड जैविक उत्पादों को अपनाकर बिहार के किसान न सिर्फ अपनी लागत कम करेंगे, बल्कि देश को फर्टिलाइजर के मामले में आत्मनिर्भर बनाने में भी अपना बहुमूल्य योगदान देंगे।
ट्रस्ट के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के साथ हुई बैठक में जैविक उर्वरकों की क्षमता, उत्पादन और उनके सकारात्मक प्रभावों पर गहन मंथन किया गया। आर्ट ऑफ लिविंग के 45 वर्ष पूरे होने तथा गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के 70वें जन्मदिन के अवसर पर एक समारोह भी आयोजित था।

