चाईबासा (पश्चिमी सिंहभूम) । झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है। जिले के अति नक्सल प्रभावित टोंटो-गोइलकेरा थाना क्षेत्र के घने जंगलों में बुधवार को सुरक्षाबलों और प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के बीच मुठभेड़ हुई है। एसपी अमित रेनू ने मुठभेड़ की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि जवानों का ऑपरेशन अभी भी जारी है।
कुख्यात कमांडर मिसिर बेसरा की तलाश में निकली थी टीम
जानकारी के अनुसार, यह मुठभेड़ उस समय शुरू हुई जब कोबरा 209 बटालियन और जिला पुलिस की संयुक्त टीम रूटुगुटू जंगल में सर्च ऑपरेशन चला रही थी। सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि एक करोड़ रुपये का इनामी माओवादी कमांडर मिसिर बेसरा अपने दस्ते के साथ इसी इलाके में छिपा हुआ है। इसी इनपुट के आधार पर पिछले दो दिनों से बोरोई और तूनबेड़ा गांवों के आसपास सघन कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा था।
रुक-रुक कर हुई फायरिंग, जवानों ने इलाके को घेरा
सर्च अभियान के दौरान जंगलों में घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने जवानों को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभाला और मुंहतोड़ जवाब दिया। सूत्रों के मुताबिक, काफी देर तक दोनों ओर से रुक-रुक कर फायरिंग होती रही। वर्तमान में फायरिंग रुकी हुई है, लेकिन सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और अतिरिक्त जवानों को मौके पर तैनात किया गया है।
एसपी अमित रेनू ने मीडिया को बताया “सुरक्षा बल पूरी रणनीति के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हमारा मुख्य उद्देश्य शीर्ष माओवादी नेताओं को पकड़ना या उन्हें निष्क्रिय करना है। ऑपरेशन अभी जारी है और सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क हैं।”
नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण पुलिस ने आसपास के गांवों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। ग्रामीणों को सुरक्षा के लिहाज से अभी जंगलों की ओर न जाने की सख्त सलाह दी गई है। चाईबासा पुलिस और अर्धसैनिक बलों का यह संयुक्त अभियान नक्सलियों के कमर तोड़ने की दिशा में एक बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

