31 C
Kolkata
Sunday, August 23, 2026

ईरान के खिलाफ बड़े आर्थिक युद्ध की तैयारी में अमेरिका

तेहरान/वाशिंगटन। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब आर्थिक मोर्चे पर भी तेज होता दिखाई दे रहा है। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे कड़ी आर्थिक कार्रवाई की चेतावनी दी है, जबकि तेहरान ने अपने पड़ोसी देशों को वाशिंगटन के साथ इस अभियान में शामिल होने से साफ तौर पर आगाह किया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि जो देश अमेरिका के आर्थिक युद्ध में उसका साथ देंगे, उन्हें दुश्मन माना जाएगा और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। अमेरिका सोमवार को ईरान के खिलाफ नए बड़े प्रतिबंधों की घोषणा कर सकता है।

इस वर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर हवाई हमले शुरू होने के बाद से दोनों देशों के बीच लंबे समय तक संघर्ष चला। हालांकि फिलहाल दोनों पक्षों के बीच सीधी गोलीबारी नहीं हो रही है, लेकिन तनाव कम होने और शांति वार्ता आगे बढ़ने के संकेत भी नहीं दिखाई दे रहे हैं। इस बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले अनधिकृत तेल टैंकरों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।

ईरान की अर्थव्यवस्था पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंधों के दबाव में है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईरान पर नए प्रतिबंधों की घोषणा कर सकते हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, इन प्रतिबंधों में ईरान की तेल तस्करी, वित्तीय हस्तांतरण, एक्सचेंज हाउस, जहाज पंजीकरण और फ्रंट कंपनियों जैसे आर्थिक नेटवर्क को निशाना बनाया जा सकता है। अमेरिकी प्रशासन चीन से भी ईरान के खिलाफ इस अभियान में सहयोग करने का आग्रह कर रहा है। वर्ष 2025 के आंकड़ों के अनुसार चीन ईरान के निर्यात होने वाले तेल का 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा खरीदता है।

ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई ने पड़ोसी देशों को अमेरिका के साथ आर्थिक मोर्चे पर सहयोग करने के खिलाफ चेतावनी दी है। सरकारी प्रसारक आईआरआईबी को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों को अमेरिका के आर्थिक युद्ध में शामिल नहीं होना चाहिए, अन्यथा ईरान उन्हें दुश्मन के रूप में देखेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पड़ोसी देशों ने ईरान की सलाह नहीं मानी तो तेहरान फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल निर्यात रोकने जैसे कदम भी उठा सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को वित्तीय या अन्य सहायता देने वाले देशों को गंभीर आर्थिक परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के नए कदम ईरान की आर्थिक जीवनरेखा को निशाना बनाएंगे। ट्रंप ने इसे ईरान को अलग-थलग करने की दिशा में बड़ा आर्थिक अभियान बताया और सहयोगी देशों से अमेरिका के साथ खड़े होने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को परमाणु शक्ति बनने का अपना लक्ष्य छोड़ना होगा।

ट्रंप के बयान पर मोहसिन रेजाई ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि अमेरिका ने वैश्विक परमाणु सुरक्षा को मजबूत करने के बजाय परमाणु असुरक्षा बढ़ा दी है। उनका दावा है कि तेहरान के खिलाफ अमेरिकी दबाव और प्रतिबंधों के कारण कुछ देशों में परमाणु हथियार हासिल करने की रुचि बढ़ सकती है।

ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा अरेफ ने भी अमेरिकी आर्थिक कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि प्रतिबंध ईरानी लोगों के संकल्प को नहीं बदल सकते। विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने भी अमेरिकी रुख की आलोचना की है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने प्रस्तावित अमेरिकी कार्रवाई को दूसरे स्वतंत्र देशों की संप्रभुता में हस्तक्षेप बताया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून में ऐसी अतिरिक्त क्षेत्रीय या द्वितीयक पाबंदियों का कोई आधार नहीं है।

इस बीच बाल्कन देश बुल्गारिया ने बताया कि दो अमेरिकी केसी-135 टैंकर विमान उसके बेजमर एयरबेस से रवाना हुए हैं। बुल्गारिया के रक्षा मंत्री दिमितार स्टोयानोव ने इसकी पुष्टि की है। दूसरी ओर, ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने कहा है कि किसी भी दुश्मन की धमकी का ईरान सैन्य रूप से कड़ा और विनाशकारी जवाब देगा।

इस तरह अमेरिका और ईरान के बीच टकराव अब सैन्य कार्रवाई से आगे बढ़कर आर्थिक और रणनीतिक मोर्चे पर पहुंचता दिख रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति पर किसी भी बड़े व्यवधान का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है, जिससे आने वाले दिनों में इस टकराव पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।

Related Articles

नवीनतम लेख