32 C
Kolkata
Sunday, August 23, 2026

मानसून में पीरियड्स के दौरान इन गलतियों से बचें

मानसून के मौसम में उमस, पसीना और नमी बढ़ने के कारण माहवारी के दौरान महिलाओं को स्वच्छता बनाए रखने में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है। पीरियड्स अपने आप में संक्रमण का कारण नहीं हैं, लेकिन इस दौरान साफ-सफाई में लापरवाही से खुजली, दुर्गंध, त्वचा पर रैशेज और संक्रमण जैसी परेशानियों का जोखिम बढ़ सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, रोजमर्रा की कुछ आदतों में बदलाव कर मानसून के दौरान पीरियड्स को अधिक आरामदायक और सुरक्षित बनाया जा सकता है।

पुणे के हडपसर स्थित मॉमस्टोरी, सह्याद्रि सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल एनेक्स की ऑब्सटेट्रिक्स एवं गायनेकोलॉजी विभाग की निदेशक और वरिष्ठ सलाहकार डॉ. मिनी सालुंखे के अनुसार, माहवारी के दौरान स्वच्छता और सही आदतों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। खासकर बारिश के मौसम में नमी और पसीने के कारण कुछ सामान्य गलतियां परेशानी बढ़ा सकती हैं।

एक ही पैड लंबे समय तक इस्तेमाल न करें

ब्लीडिंग कम होने पर भी एक ही सैनिटरी पैड को लंबे समय तक इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। नमी और शरीर की गर्मी के कारण लंबे समय तक इस्तेमाल किए गए पैड में बैक्टीरिया पनपने और त्वचा में जलन का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए पैड को नियमित अंतराल पर बदलना जरूरी है। सामान्य तौर पर हर चार से छह घंटे में पैड बदलने की सलाह दी जाती है, हालांकि रक्तस्राव की मात्रा के अनुसार इससे पहले भी पैड बदलना पड़ सकता है।

गीले या सिंथेटिक अंडरवियर से बचें

नायलॉन और अन्य सिंथेटिक कपड़े नमी को त्वचा के संपर्क में बनाए रख सकते हैं। मानसून में पसीने और उमस के कारण इससे जननांगों के आसपास जलन और त्वचा संबंधी परेशानी हो सकती है। साफ और सूती अंडरवियर पहनना बेहतर विकल्प है। यदि कपड़े गीले हो जाएं तो उन्हें जल्द से जल्द बदल लेना चाहिए।

बारिश में भीगने के बाद गीले कपड़ों में न रहें

स्कूल, कॉलेज या काम से लौटते समय बारिश में भीग जाने पर लंबे समय तक गीले कपड़ों में रहने से बचें। घर या किसी सुरक्षित स्थान पर पहुंचने के बाद गीले कपड़े बदलकर सूखे और साफ कपड़े पहनें। इससे त्वचा पर लंबे समय तक नमी बने रहने से होने वाली जलन और असहजता को कम करने में मदद मिल सकती है।

खुशबूदार साबुन और रासायनिक उत्पादों से बचें

वजाइना को साफ रखने के लिए खुशबूदार साबुन, स्प्रे या तेज रासायनिक उत्पादों का इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है। ऐसे उत्पाद संवेदनशील त्वचा में जलन पैदा कर सकते हैं और प्राकृतिक संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं। बाहरी हिस्से की सफाई के लिए सामान्य पानी पर्याप्त होता है। वजाइना के अंदर किसी तरह का साबुन या रासायनिक उत्पाद इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

मासिक धर्म उत्पाद बदलने से पहले हाथ धोएं

पैड या अन्य मासिक धर्म उत्पाद बदलने से पहले और बाद में हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह साफ करना स्वच्छता की महत्वपूर्ण आदत है। इससे हाथों से कीटाणुओं के फैलने का जोखिम कम करने में मदद मिलती है।

पैड बदलने में देरी न करें

सिर्फ इसलिए कि पैड पूरी तरह भरा नहीं है, उसे जरूरत से ज्यादा देर तक इस्तेमाल करना उचित नहीं है। रक्त, पसीने और नमी के लंबे समय तक संपर्क में रहने से दुर्गंध, त्वचा में जलन और रैशेज की समस्या हो सकती है। इसलिए रक्तस्राव की मात्रा और इस्तेमाल की अवधि के अनुसार पैड को समय पर बदलते रहें।

इस्तेमाल किए गए पैड को सही तरीके से फेंकें

इस्तेमाल किए गए पैड को खुले में फेंकने या टॉयलेट में फ्लश करने से बचना चाहिए। पैड को कागज में अच्छी तरह लपेटकर ढक्कन वाले कूड़ेदान में डालें। इससे आसपास स्वच्छता बनाए रखने और नालियों के जाम होने जैसी समस्याओं से बचने में मदद मिलती है।

खुजली और असामान्य स्राव को नजरअंदाज न करें

लगातार खुजली, असामान्य योनि स्राव, तेज दुर्गंध, जलन या असामान्य दर्द को केवल पीरियड्स का सामान्य हिस्सा मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण संक्रमण या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या से जुड़े हो सकते हैं। परेशानी लगातार बनी रहे या बढ़े तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

फ्लो के अनुसार सही पैड चुनें

ऐसे पैड का इस्तेमाल करें जो आपके रक्तस्राव की मात्रा और जरूरत के अनुसार सही आकार और सोखने की क्षमता वाला हो। गलत आकार या कम सोखने वाले पैड से लीकेज, रगड़ और त्वचा में जलन की समस्या हो सकती है। आरामदायक और अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पाद का चुनाव करना बेहतर रहता है।

मानसून में पीरियड्स के दौरान सबसे जरूरी बात नियमित स्वच्छता, सूखे और साफ कपड़े तथा मासिक धर्म उत्पादों को समय पर बदलना है। यदि कोई असामान्य या लगातार लक्षण दिखाई दें तो स्वयं इलाज करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सामान्य और शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या, लगातार दर्द, असामान्य स्राव या संक्रमण के लक्षण होने पर योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।

Related Articles

नवीनतम लेख