जयपुर। राजस्थान में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। मौसम विभाग ने सोमवार से दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना जताई है। इसे देखते हुए सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 24 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में बारिश का दौर 13 अगस्त तक जारी रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, 10 और 11 अगस्त को दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर भारी से अतिभारी बारिश की भी संभावना है। इसके बाद 14 अगस्त से पश्चिमी राजस्थान और 15 अगस्त से पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में कमी आने का अनुमान है।
कई जिलों में हुई तेज बारिश
इससे पहले रविवार को प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई। जयपुर का कानोता बांध लबालब होकर छलक गया और बांध पर चादर चलने लगी। बारिश के बाद कई सड़कों पर पानी बहता दिखाई दिया। हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर के कई इलाकों में भी तेज बारिश हुई।
बारां के शाहबाद में करीब 48 मिलीमीटर, बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में 37, हनुमानगढ़ के भादरा में 31 और जोधपुर के भोपालगढ़ में 30 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सिरोही के माउंट आबू में 25, श्रीगंगानगर के अनूपगढ़ में 24 और हिंदूमलकोट में 17 मिलीमीटर बारिश हुई।
अजमेर, दौसा, टोंक और उदयपुर समेत कई जिलों में दिनभर बादल छाए रहे। कई स्थानों पर हल्की बारिश और बूंदाबांदी से मौसम सुहावना बना रहा।
बारिश से तापमान में गिरावट
बारिश के चलते नागौर, बीकानेर, जोधपुर, कोटा और प्रतापगढ़ में अधिकतम तापमान में करीब दो डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई। हालांकि झुंझुनूं, अलवर और चूरू समेत कुछ इलाकों में तापमान बढ़ा।
रविवार को प्रदेश के किसी भी शहर में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर नहीं गया। बाड़मेर में सबसे अधिक 39.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। जैसलमेर में 38.3, चूरू में 35, जालोर में 34.7, दौसा में 35, झुंझुनूं में 33.8, जोधपुर में 33.7 और बीकानेर में 34 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।
इन मौसम प्रणालियों से बढ़ेगी बारिश
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे छत्तीसगढ़ के क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जो धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके अलावा मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति में लौट आई है और उत्तर-पूर्वी राजस्थान व आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है।
इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से राजस्थान में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में 13 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रह सकता है, जबकि इसके बाद प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में धीरे-धीरे बारिश कम होने का अनुमान है।
