उदयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को उदयपुर जिले को 421 करोड़ रुपये की लागत वाली 457 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। नगर निगम सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने 47 करोड़ रुपये से अधिक की 21 परियोजनाओं का लोकार्पण और 373 करोड़ रुपये से अधिक की 436 परियोजनाओं का शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने राजस्थान के समग्र विकास के लिए पानी, बिजली, सड़क, उद्योग और रोजगार पर केंद्रित रोडमैप तैयार किया है। उन्होंने बताया कि रामजल सेतु लिंक परियोजना पर तेजी से काम हो रहा है, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में शेखावाटी के लिए यमुना जल समझौता संभव हुआ है। उदयपुर क्षेत्र के लिए देवास परियोजना को भी गति दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सार्वजनिक उपक्रमों के साथ 2.24 लाख करोड़ रुपये के एमओयू किए गए हैं। वर्ष 2027 तक सभी जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। फिलहाल 26 जिलों में यह सुविधा शुरू हो चुकी है। साथ ही, पीएम-कुसुम योजना के जरिए किसानों को ऊर्जा उत्पादक बनाने की दिशा में भी काम हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में हुए 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों में से करीब 9 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 1.78 लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, जबकि 1.32 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है और 70 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की तैयारी चल रही है।
उदयपुर के लिए लोकार्पित प्रमुख परियोजनाओं में आरएनटी मेडिकल कॉलेज में आधुनिक कैथ लैब, बुजुर्गों के लिए पुनर्वास गृह, फलासिया में राजकीय कन्या महाविद्यालय भवन, कानोड़ में अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास, सविना में आरसीसी नाला, दरौली में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, तितरड़ी बस स्टैंड सड़क, ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट भवन, महाराणा प्रताप खेलगांव में लेक्रोस मैदान और ओपन पार्किंग जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।
शिलान्यास की गई प्रमुख परियोजनाओं में महाराणा भूपाल चिकित्सालय में मातृ एवं शिशु विंग, भुवाणा में आधुनिक सीवरेज सिस्टम, भींडर जिला चिकित्सालय भवन, फतहनगर सीएचसी भवन, जनजातीय छात्रावास, पुलिस लाइन आवास, सुखेर सर्विस रोड, बनास नदी पर पुलिया निर्माण तथा अटल प्रगति पथ सहित शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई, सड़क और पर्यटन से जुड़ी कई योजनाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अब तक 49,197 किलोमीटर सड़क नेटवर्क विकसित किया है। 2,750 किलोमीटर लंबे नौ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर काम जारी है, जबकि 1,758 गांवों को पहली बार डामर सड़क से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार कृषि, डेयरी, सहकारिता और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए भी लगातार काम कर रही है।
कार्यक्रम में जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, सांसद मन्नालाल रावत, विधायकगण, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास तथा बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक मौजूद रहे।
