वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि गाजा पट्टी में हमास और अन्य सशस्त्र समूहों के पूर्ण निरस्त्रीकरण (हथियार छोड़ने) को लेकर एक ऐतिहासिक समझौता हुआ है। उनके अनुसार, इस समझौते के तहत गाजा में चरणबद्ध तरीके से हथियार हटाए जाएंगे और प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ इजराइली सेना भी क्रमिक रूप से पीछे हटेगी।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर कहा कि यह समझौता उनके “बोर्ड ऑफ पीस” और हमास सहित अन्य सशस्त्र समूहों के बीच हुआ है। उन्होंने इसे गाजा में स्थायी शांति और सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम बताया तथा मिस्र, कतर और तुर्किये की मध्यस्थता की सराहना की।
समझौते के अनुसार, हमास को छह से आठ महीनों के भीतर भारी और हल्के हथियार सौंपने, सुरंग नेटवर्क, हथियार निर्माण स्थलों और गोदामों की जानकारी साझा करने तथा गाजा के प्रशासनिक अधिकार एक नई राष्ट्रीय समिति को हस्तांतरित करने होंगे। हथियारों की निगरानी राष्ट्रीय समिति और एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरता बल के अधीन रहेगी। नई फिलिस्तीनी पुलिस बल को भी तैनात किया जाएगा।
हालांकि इस घोषणा के बावजूद समझौते के क्रियान्वयन को लेकर संशय बना हुआ है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि हमास ने शर्तों पर सहमति जताई है, लेकिन इजराइल और कई पश्चिमी देशों के अधिकारी अब भी इस बात को लेकर आशंकित हैं कि संगठन अपने वादों का पूरी तरह पालन करेगा या नहीं। इजराइल की ओर से इस समझौते पर अभी औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
