तेहरान/अम्मान। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने जॉर्डन के अल-अज़राक एयर बेस पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला कर तीन अमेरिकी एफ-35 लड़ाकू विमानों को नष्ट कर दिया। हालांकि, अमेरिका और जॉर्डन की ओर से इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
जॉर्डन ने पांच मिसाइलों को नष्ट करने का किया दावा
जॉर्डन ने कहा है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान की ओर से दागी गई पांच बैलिस्टिक मिसाइलों को सीमा में प्रवेश करने से पहले ही रोक दिया और नष्ट कर दिया। जॉर्डन के अनुसार, हाल के दिनों में यह चौथा मौका है जब उसने ईरान से आए मिसाइल या ड्रोन हमलों को नाकाम किया है।
आईआरजीसी ने अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना
ईरान की अर्ध सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम न्यूज और तुर्किए की सरकारी समाचार एजेंसी अनाडोलू के मुताबिक, आईआरजीसी ने बताया कि यह हमला दक्षिणी ईरान के केशम द्वीप पर अमेरिकी हमले के जवाब में किया गया।
ईरान का आरोप है कि अमेरिकी हमले में एक आवासीय घर तबाह हो गया, जिसमें एक दंपती और उनके दो वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जबकि दो अन्य बच्चे घायल हुए।
आईआरजीसी ने दावा किया कि अल-अज़राक एयर बेस पर अमेरिकी एफ-35 विमानों के पार्किंग क्षेत्र और रखरखाव हैंगर को निशाना बनाया गया। संगठन के अनुसार, हमले में तीन एफ-35 विमान पूरी तरह नष्ट हुए, जबकि तीन अन्य को भारी नुकसान पहुंचा। इसके अलावा कई अमेरिकी अधिकारी और तकनीकी कर्मियों के मारे जाने का भी दावा किया गया।
अमेरिकी कार्रवाई के बाद बढ़ा तनाव
इससे पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा था कि अमेरिकी बलों ने मध्य पूर्व में अपने ठिकानों पर ईरानी हमलों के प्रयासों के जवाब में ईरान के कई ठिकानों पर कार्रवाई की है।
ईरान का कहना है कि अमेरिकी हमलों में केशम द्वीप के अलावा बुशहर, फार्स और खुज़ेस्तान प्रांतों के कई स्थानों को निशाना बनाया गया।
फिलहाल, आईआरजीसी के दावों की अमेरिका या जॉर्डन की ओर से पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, जॉर्डन का कहना है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने अधिकांश मिसाइलों को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही नष्ट कर दिया।
