रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया संयोजक डॉ. एम तौसीफ ने जेपीएससी विवाद को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि झारखंड में जेपीएससी विवाद के सूत्रधार राज्य के पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी हैं।
बाबूलाल मरांडी पर लगाए गंभीर आरोप
एम तौसीफ ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि जेपीएससी मामले में सबसे पहले बाबूलाल मरांडी के कार्यकाल की जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में अपने पसंदीदा लोगों को जेपीएससी का अध्यक्ष और सदस्य बनाया गया था।
उन्होंने कहा कि उस समय जेपीएससी में गड़बड़ी के आरोप लगे और नियुक्तियों को लेकर काफी विरोध हुआ। हजारों छात्र सड़कों पर उतरे थे। दबाव के बाद जेपीएससी के पहले और दूसरे बैच को लेकर मामला दर्ज हुआ और यह मामला अदालत तक पहुंचा।
भाजपा पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकारों के कार्यकाल में राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचा और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी कई मुख्यमंत्री आए, लेकिन किसी ने इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी नीट पेपर लीक समेत देशभर में हुई परीक्षा संबंधी अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग करती है। हालांकि, उन्होंने केंद्र सरकार पर निष्पक्ष जांच कराने में सक्षम नहीं होने का आरोप लगाया।
एम तौसीफ ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए पारदर्शिता और निष्पक्षता जरूरी है, ताकि युवाओं के भविष्य के साथ न्याय हो सके।
