चित्रकूट: भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट में गुरु पूर्णिमा का महापर्व श्रद्धा, आस्था और भक्ति के साथ धूमधाम से मनाया गया। देशभर से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं और शिष्यों ने मंदाकिनी नदी में आस्था की डुबकी लगाकर भगवान श्री कामतानाथ के दर्शन किए और इसके बाद विभिन्न मठों, मंदिरों एवं आश्रमों में अपने गुरुजनों का विधि-विधान से पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
गुरुजनों ने शिष्यों को सुख, समृद्धि और निरोगी जीवन का आशीर्वाद देते हुए राष्ट्रहित, गंगा, गाय, पर्वत और पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करने का संकल्प भी दिलाया।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर कामदगिरि पीठ, भरत मंदिर, गायत्री शक्तिपीठ, रामायणी कुटी, डंडा सरकार आश्रम सहित चित्रकूट के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष पूजा-अर्चना, गुरु पूजन, भजन-कीर्तन, धार्मिक प्रवचन और भंडारों का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने अपने गुरुजनों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया।
सुबह से ही कामतानाथ मंदिर, मंदाकिनी के रामघाट और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान कर पूजा-अर्चना की और देश व प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
गुरु पूर्णिमा पर्व को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में मेला क्षेत्र में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरे दिन तैनात रहे तथा श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर लगातार निगरानी रखी गई।
