पूर्वी सिंहभूम। सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के भुइयाडीह स्थित इंद्रानगर और कल्याणनगर बस्ती के लोगों ने संभावित अतिक्रमण हटाओ अभियान के विरोध में बुधवार को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे बस्तीवासियों ने वर्षों से रह रहे परिवारों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के बेघर नहीं करने की मांग की।
बस्तीवासियों के अनुसार, वर्ष 2023 में शहर की 86 बस्तियों के सर्वेक्षण के दौरान उनके क्षेत्र के 145 मकानों को सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के रूप में चिह्नित किया गया था। इसके बाद संबंधित परिवारों को झारखंड पब्लिक लैंड एनक्रोचमेंट एक्ट, 1956 के तहत नोटिस जारी किया गया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें जानकारी मिली है कि छह अगस्त को दंडाधिकारी की नियुक्ति कर बुलडोजर के जरिए मकानों को हटाने की तैयारी है। हालांकि, प्रशासन की ओर से इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक आदेश सार्वजनिक नहीं किया गया है।
प्रदर्शन के दौरान बस्तीवासियों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर नारेबाजी की। इसी दौरान वहां से गुजर रहे पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता और मानगो नगर निगम की महापौर सुधा गुप्ता का काफिला रोककर लोगों ने अपनी समस्या बताई और हस्तक्षेप की मांग की।
पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने बस्तीवासियों का समर्थन करते हुए कहा कि किसी भी परिवार का घर तोड़ने से पहले प्रधानमंत्री आवास योजना या अन्य सरकारी आवासीय योजना के तहत वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुनर्वास के बिना गरीब परिवारों को बेघर करना उचित नहीं है।
बस्तीवासियों ने बताया कि सर्किल कार्यालय, जमशेदपुर की ओर से झारखंड पब्लिक लैंड एनक्रोचमेंट एक्ट, 1956 की धारा 6(2) के तहत अंतिम नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में खाता संख्या 245, प्लॉट संख्या 110 और वार्ड संख्या-7 की भूमि को सरकारी बताते हुए 15 दिनों के भीतर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया है।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से प्रस्तावित कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने तथा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और वैकल्पिक आवास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद ही कोई कार्रवाई करने की मांग की।
