पलामू। पलामू में रेलवे वैगन उत्पादन इकाई और मेगा वैगन अनुरक्षण (पीएचओ-आरओएच) कार्यशाला की स्थापना का मामला लोकसभा में उठा। सांसद विष्णु दयाल राम ने बुधवार को लोकसभा में यह मुद्दा उठाते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से इस दिशा में पहल करने का आग्रह किया।
सांसद ने रेल मंत्री को पत्र लिखकर और व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर पलामू में रेलवे वैगन उत्पादन इकाई एवं मेगा वैगन अनुरक्षण कार्यशाला स्थापित करने का अनुरोध किया है।
उन्होंने कहा कि पलामू और गढ़वा झारखंड के पिछड़े एवं औद्योगिक दृष्टि से उपेक्षित क्षेत्रों में शामिल हैं। स्थानीय स्तर पर रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में युवाओं को दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ता है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था के साथ सामाजिक और पारिवारिक जीवन भी प्रभावित होता है।
सांसद ने कहा कि झारखंड भारतीय रेल के लिए देश के महत्वपूर्ण माल ढुलाई राज्यों में शामिल है। विशेष रूप से कोयला परिवहन में राज्य की भूमिका अहम है, लेकिन अब तक झारखंड में भारतीय रेल की कोई बड़ी वैगन उत्पादन इकाई स्थापित नहीं की गई है। पलामू के गढ़वा रोड और जपला रेलवे स्टेशन इस तरह की इकाई के लिए उपयुक्त स्थान हैं। यहां रेलवे की पर्याप्त भूमि उपलब्ध है और दोनों स्टेशन सीसीएल एवं बीसीसीएल के कोयला क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख मालवाहक रेल मार्ग पर स्थित हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारतीय रेल को वैगनों के पीएचओ-आरओएच कार्यों के लिए पर्याप्त क्षमता की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इससे अनुरक्षण कार्यों में विलंब, वैगनों की उपलब्धता में कमी और परिचालन दक्षता एवं सुरक्षा पर असर पड़ता है। पलामू में ऐसी कार्यशाला स्थापित होने से इन समस्याओं का प्रभावी समाधान हो सकेगा और माल परिवहन व्यवस्था अधिक मजबूत एवं सुरक्षित बनेगी।
सांसद ने रेल मंत्री से गढ़वा रोड और जपला रेलवे स्टेशन पर रेलवे वैगन उत्पादन इकाई अथवा मेगा वैगन अनुरक्षण कार्यशाला की स्थापना के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे रेलवे की परिचालन क्षमता और सुरक्षा बढ़ेगी, वैगनों की उपलब्धता बेहतर होगी तथा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इससे औद्योगिक विकास को गति मिलने के साथ युवाओं के पलायन पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी।
