नई दिल्ली। पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि छात्रों की छवि खराब करने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए।
गुरुवार को सामाजिक माध्यम एक्स पर जारी पोस्ट में गीतांजलि आंग्मो ने लिखा कि एक शिक्षिका होने के नाते मीडिया में अपने छात्रों की छवि खराब होते देखना बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि छात्र जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्हें दोषी ठहराने के बजाय उनकी चिंताओं को समझने का प्रयास किया जाना चाहिए।
‘बच्चों की आवाज सुनी जानी चाहिए’
गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि बच्चे सुरक्षा के हकदार हैं, उन्हें खलनायक के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए और उनकी बातों पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।
उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि दिल्ली में कहीं और हिंसा की घटनाओं की खबरें सामने आती हैं, तो बिना किसी प्रमाण के उन्हें इस छात्र आंदोलन से न जोड़ा जाए। उनका कहना था कि जो लोग इन युवाओं को जानते हैं, उन्होंने उनका धैर्य, अनुशासन और संयम देखा है।
20 जुलाई से जारी है छात्र आंदोलन
उल्लेखनीय है कि छात्र आंदोलन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 20 जुलाई को ‘संसद चलो’ मार्च का आह्वान किया था। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं, प्रश्नपत्र लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन के लिए एकत्र हुए थे। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद दोनों पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं।
