पूर्वी सिंहभूम। कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य संस्थान एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को जल्द ही स्वच्छ और नियमित पेयजल आपूर्ति मिलने की उम्मीद है। मानगो नगर निगम की डिमना जलापूर्ति योजना के तहत शंकोसाई श्यामनगर स्थित स्वर्णरेखा नदी के इंटेकवेल से अस्पताल परिसर तक पानी पहुंचाने का ट्रायल सफल रहा।
ट्रायल के दौरान इंटेकवेल से एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित जल शोधन संयंत्र तक पानी सफलतापूर्वक पहुंच गया। इससे यह स्पष्ट हो गया कि योजना अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
चार स्थानों पर मिला रिसाव, मरम्मत शुरू
परीक्षण के दौरान पाइपलाइन के चार स्थानों पर पानी का रिसाव मिला। इनमें शंकोसाई नंबर-1 क्षेत्र में तीन और डिमना स्थित स्मार्ट बाजार के पास एक स्थान शामिल है। ट्रायल के तुरंत बाद निर्माण एजेंसी मदन लाल बजाज कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने मरम्मत कार्य शुरू कर दिया। अधिकारियों के अनुसार तीन दिनों के भीतर सभी तकनीकी खामियां दूर कर दी जाएंगी।
बताया गया कि योजना का ट्रायल 15 जुलाई को होना था, लेकिन ट्रांसफॉर्मर की उपलब्धता नहीं होने, कम वोल्टेज और पाइपलाइन के जोड़ पूरी तरह तैयार नहीं होने के कारण इसे स्थगित करना पड़ा था। बाद में डीजल जनरेटर की सहायता से पंपिंग प्रणाली चालू कर सफल परीक्षण किया गया।
15 अगस्त तक शुरू हो सकती है जलापूर्ति
परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि यदि शेष तकनीकी और औपचारिक कार्य समय पर पूरे हो गए तो 15 अगस्त तक योजना का उद्घाटन कर अस्पताल में नियमित पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। इससे अस्पताल के वार्ड, ऑपरेशन थिएटर, प्रयोगशालाएं, छात्रावास और अन्य विभागों में स्वच्छ पानी उपलब्ध हो सकेगा।
एमजीएम अस्पताल लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहा है। मरीजों, परिजनों, चिकित्सकों और कर्मचारियों को पर्याप्त एवं स्वच्छ पानी नहीं मिलने से परेशानी उठानी पड़ती रही है। नई योजना शुरू होने के बाद इस समस्या का स्थायी समाधान होने और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
इस परियोजना को लेकर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय लगातार सक्रिय रहे हैं। उन्होंने योजना में हो रही देरी का मुद्दा कई बार उठाया और संबंधित विभागों से कार्य में तेजी लाने की मांग की थी। सफल ट्रायल के बाद अब अस्पताल में जल्द स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने की उम्मीद और बढ़ गई है।
