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Tuesday, July 21, 2026

ईरान के कई शहरों पर अमेरिकी हवाई हमले, इराक में ड्रोन हमले से अमेरिकी सैनिक की मौत

तेहरान/वाशिंगटन। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग से पश्चिम एशिया में स्थिति बेहद नाजुक हो गई है। अमेरिकी मध्य कमान (सेंटकॉम) ने लगातार नौवीं रात ईरान के खिलाफ हवाई हमलों का एक और दौर शुरू किया, जिससे ईरान के कई शहरों में भीषण विस्फोट हुए हैं। वहीं, उत्तरी इराक में एक ईरानी ड्रोन से जुड़ी घटना में एक अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई, जिसके बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई और तेज कर दी है। इन भीषण तनावों के बीच, लेबनान के राष्ट्रपति मिशेल आउन शीर्ष अमेरिकी अधिकारियों से वार्ता के लिए वाशिंगटन पहुंचे हैं।

डारखोविन परमाणु संयंत्र पर हमले का आरोप, कुवैत स्थित अमेरिकी बेस पर जवाबी प्रहार

ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका ने उसके दक्षिण-पश्चिमी प्रांत खूजिस्तान में कारून नदी के किनारे निर्माणाधीन डारखोविन परमाणु ऊर्जा संयंत्र को निशाना बनाया है। ईरानी परमाणु ऊर्जा संगठन ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन और अपनी संप्रभुता पर हमला करार दिया है। इस कथित हमले के जवाब में ईरान ने कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य बेस पर ड्रोन से पलटवार करने का दावा किया है। साथ ही, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अहवाज शहर में अमेरिका के एक एमक्यू-9 (MQ-9) रीपर ड्रोन को मार गिराने की बात कही है।

डोनाल्ड ट्रंप का कड़ा रुख, आईएईए ने शुरू की जांच

इस सैन्य टकराव पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोटूक कहा है कि ईरान के किसी समझौते का पालन करने या न करने से अमेरिका को कोई फर्क नहीं पड़ता। अमेरिका की एकमात्र प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि ईरान किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल न कर सके। दूसरी तरफ, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल ग्रोसी ने डारखोविन संयंत्र पर हुए हमले की जांच शुरू करने की पुष्टि की है। एजेंसी के अनुसार, यह संयंत्र अभी निर्माण के शुरुआती चरण में है और वहां कोई परमाणु सामग्री मौजूद नहीं थी, इसलिए किसी रेडियोलॉजिकल खतरे की आशंका नहीं है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का दावा, बहरीन में अलर्ट जारी

तनाव के बीच आईआरजीसी की नौसेना ने होर्मुज में अमेरिकी समर्थन से गुजर रहे दो जहाजों को रोकने का दावा करते हुए चेतावनी दी है कि बिना ईरान की अनुमति के इस मार्ग से तेल, गैस या रसायनों का परिवहन संभव नहीं होगा। इसी दौरान, ओमान के तट पर एक जहाज में आग लगने की खबर आई है, जबकि बहरीन में अमेरिकी दूतावास ने संभावित ईरानी हमलों के मद्देनजर अपने नागरिकों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। वाशिंगटन पहुंचे लेबनान के राष्ट्रपति की इस यात्रा को बेहद अहम माना जा रहा है, हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि हिजबुल्लाह के हथियार छोड़ने जैसी संवेदनशील शर्तों के कारण तुरंत किसी बड़े समाधान की उम्मीद कम है।

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