लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी चुनावी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। आगामी 22 जुलाई को पार्टी प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर एक साथ ‘बूथ अध्यक्ष सम्मेलन’ आयोजित करने जा रही है। संगठन का उद्देश्य अपने बूथ अध्यक्षों को ‘बूथ योद्धा’ के रूप में ढालना है, जो आगामी चुनाव में ‘किंगमेकर’ की भूमिका निभाएंगे। ‘बूथ जीता तो चुनाव जीता’ के मूलमंत्र के साथ पार्टी राज्य के 1.77 लाख से अधिक बूथों पर अपनी पकड़ मजबूत करेगी।
पहली बार एक समय पर महामंथन, तैयार होगा नया संगठनात्मक डेटा
भाजपा प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने बताया कि यूपी के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है जब सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में एक ही दिन और एक ही समय पर यह सम्मेलन होगा। प्रदेश के 1,77,516 बूथों पर सक्रिय इस संगठन को और धार देने के लिए हर बूथ अध्यक्ष अपने क्षेत्र की संगठनात्मक जानकारी, वर्तमान व पूर्व पदाधिकारियों की सूची और बूथ पालक का पूरा विवरण लेकर पहुंचेंगे। इससे जमीनी स्तर पर पार्टी का एकदम नया और सटीक डेटा तैयार होगा, जिससे कार्यकर्ताओं की जवाबदेही तय की जा सकेगी।
वरिष्ठ नेता देंगे ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’ का विजय मंत्र
बूथ सम्मेलन के प्रदेश संयोजक दिलीप पटेल के अनुसार, इस महाअभियान में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष सहित राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर के वरिष्ठ नेता अलग-अलग विधानसभाओं में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। सम्मेलन में इन ‘बूथ योद्धाओं’ को मतदाता संपर्क बढ़ाने, सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद करने, कठिन परिस्थितियों में बूथ प्रबंधन संभालने और मतदान प्रतिशत बढ़ाने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। भाजपा का यह कदम साफ करता है कि 2027 का रण जीतने के लिए वह पूरी तरह माइक्रो-मैनेजमेंट पर फोकस कर रही है।
