नई दिल्ली। वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के मौजूदा कप्तानों रोस्टन चेज, शाई होप और हेले मैथ्यूज ने महान ऑलराउंडर सर गारफील्ड (सर गैरी) सोबर्स के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सर गैरी की प्रतिभा, विनम्रता और खेल के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के खिलाड़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।
क्रिकेट वेस्टइंडीज की ओर से साझा संयुक्त बयान में तीनों कप्तानों ने कहा कि वेस्टइंडीज क्रिकेट की कप्तानी करना उन महान खिलाड़ियों की विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है, जिन्होंने इस गौरवशाली इतिहास की नींव रखी। उन्होंने कहा कि सर गैरी ने अपने खेल और व्यक्तित्व से ऐसा मानदंड स्थापित किया, जो हमेशा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करेगा।
परिवार के प्रति जताई संवेदना
कप्तानों ने सर गैरी सोबर्स के परिवार और उनके करीबियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने सीमाओं से परे जाकर अपनी पहचान बनाई। उनकी विरासत क्रिकेट इतिहास, कैरेबियाई संस्कृति और खेल प्रेमियों के दिलों में हमेशा जीवित रहेगी।
क्रिकेट वेस्टइंडीज ने साझा किया भावुक वीडियो
क्रिकेट वेस्टइंडीज ने सर गैरी सोबर्स को श्रद्धांजलि देते हुए एक भावुक वीडियो भी साझा किया। इसके साथ लिखा गया, “उस महान खिलाड़ी को श्रद्धांजलि, जिसने हम सभी को प्रेरित किया। शांति से विश्राम करें, सर गैरी।”
89 वर्ष की आयु में हुआ निधन
वेस्टइंडीज के महान क्रिकेटर सर गारफील्ड सोबर्स का 17 जुलाई 2026 को 89 वर्ष की आयु में बारबाडोस स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। उनके पुत्र डैनियल सोबर्स के अनुसार, उन्होंने शांतिपूर्वक अंतिम सांस ली। वह कुछ समय से अस्वस्थ थे और सांस लेने में तकलीफ के कारण ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे।
क्रिकेट इतिहास के महानतम ऑलराउंडरों में रहे शामिल
सर गैरी सोबर्स ने 1954 से 1974 के बीच वेस्टइंडीज के लिए 93 टेस्ट मैच खेले। उन्होंने 57.78 की औसत से 8,032 रन बनाए, जिसमें 26 शतक शामिल हैं। गेंदबाजी में उनके नाम 235 टेस्ट विकेट भी दर्ज हैं।
साल 1958 में पाकिस्तान के खिलाफ खेली गई उनकी नाबाद 365 रन की पारी उस समय टेस्ट क्रिकेट का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर थी, जो 36 वर्षों तक विश्व रिकॉर्ड रहा। वर्ष 1968 में उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में एक ओवर में लगातार छह छक्के लगाने वाले पहले बल्लेबाज बनने का इतिहास भी रचा।
क्रिकेट में उनके अतुलनीय योगदान के लिए वर्ष 1975 में उन्हें ‘नाइटहुड’ से सम्मानित किया गया। वर्ष 2000 में विजडन ने उन्हें 20वीं सदी के पांच महानतम क्रिकेटरों में शामिल किया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद का वर्ष के सर्वश्रेष्ठ पुरुष क्रिकेटर को दिया जाने वाला सर गारफील्ड सोबर्स ट्रॉफी पुरस्कार आज भी उनकी अमर विरासत का प्रतीक है।
