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Saturday, July 18, 2026

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कृषि योजनाओं की समीक्षा कर दिए कई निर्देश

रांची ।  मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्रगति और चालू वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता किसानों की समृद्धि है। कृषि, पशुपालन और सहकारिता क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इसलिए सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम किसान तक पहुंचाने के लिए अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें।

उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड, पशुधन विकास योजना, बीज-खाद वितरण, कोल्ड स्टोरेज, लैम्प्स-पैक्स, सहकारी समितियों, जल स्रोतों के पुनरुद्धार समेत विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।

हर जिले में खुलेगी मॉडल कृषक पाठशाला

मुख्यमंत्री ने राज्य में दलहन और मिलेट की खेती को बढ़ावा देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि झारखंड में मिलेट उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। किसानों को कम पानी में बेहतर उत्पादन वाली फसलों के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

उन्होंने सभी जिलों में कम से कम एक मॉडल कृषक पाठशाला संचालित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों और संबंधित संस्थाओं के सहयोग से किसानों को आधुनिक तकनीक आधारित खेती का प्रशिक्षण दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने रांची में आयोजित राज्यस्तरीय कृषि व्यापार मेले की तर्ज पर अलग-अलग वर्षों में सभी प्रमंडलों में कृषि व्यापार मेले के आयोजन का भी निर्देश दिया।

किसान समृद्धि योजना का लाभ बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक किसानों को किसान समृद्धि योजना का लाभ देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजना के तहत सौर ऊर्जा आधारित पंपसेट उपलब्ध कराकर खेती की लागत कम करने और किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने किसान समृद्धि योजना और पीएम कुसुम योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए झारखंड अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कम वर्षा वाले क्षेत्रों में दलहन, मिलेट, जैविक खेती और जल संरक्षण आधारित कृषि को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कृषि योग्य बंजर और परती भूमि को चिन्हित कर वहां कृषि गतिविधियां शुरू करने की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।

पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में पशुपालन की अहम भूमिका है। उन्होंने दुग्ध उत्पादन, बकरी पालन, सूकर पालन और कुक्कुट पालन को बढ़ावा देने वाली योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का निर्देश दिया।

उन्होंने पशुओं के नियमित टीकाकरण, बेहतर पशु चिकित्सा व्यवस्था और आधुनिक पशु चिकित्सालयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खनन क्षेत्रों में कृषि गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। ऐसे क्षेत्रों में मुर्गी पालन और बकरी पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास किया जाए।

उन्होंने राज्य में मत्स्य पालन को और मजबूत करने तथा युवाओं को इससे जोड़ने पर भी जोर दिया।

कृषि और पशुपालन के लिए विकसित होगा व्यावसायिक मॉडल

मुख्यमंत्री ने राज्य में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालकों का डाटा बेस तैयार कर उन्हें मिल्क फेडरेशन से जोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रमंडल स्तर पर पशु मेले आयोजित करने के लिए कैलेंडर तैयार करने को कहा।

उन्होंने कृषि और पशुपालन के लिए व्यावसायिक मॉडल विकसित करने तथा किसानों को बड़े पशुओं की फार्मिंग के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किसानों की पहचान, प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना और महिला किसान समूहों को जोड़ने की योजना बनाने को कहा। साथ ही मधुमक्खी पालन से जुड़े किसानों को सुरक्षा पोशाक उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

लैम्प्स-पैक्स को मजबूत करने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने सहकारी समितियों को मजबूत बनाने पर जोर देते हुए लैम्प्स और पैक्स को अधिक सक्रिय करने का निर्देश दिया। उन्होंने कृषि उत्पादों की खरीद, भुगतान व्यवस्था और बीज वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने को कहा।

उन्होंने सभी शीर्ष सहकारी समितियों को उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित कर पैक्स से जोड़ने तथा कम्प्यूटरीकरण और बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत करने का निर्देश दिया।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गढ़वा के भवनाथपुर स्थित किसान पाठशाला का जायजा लिया। उन्होंने दुमका के किसान सुरेश मरांडी से बातचीत कर खेती और सरकारी योजनाओं की जानकारी ली। वहीं जामताड़ा में काजू की खेती की स्थिति की जानकारी लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया।

बैठक में मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के सचिव श्री अबू बकर सिद्दीकी सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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