नई दिल्ली। महिलाओं की डिजिटल भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से रिलायंस फाउंडेशन और गेट्स फाउंडेशन की संयुक्त पहल ‘शी-कनेक्ट्स डिजिटल एक्सेलेरेटर: इंडिया’ के पहले चरण के लिए छह गैर-सरकारी संगठनों का चयन किया गया है। इन संगठनों को कुल 25.84 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। ये संस्थाएं अगले 15 से 18 महीनों में स्वास्थ्य, आजीविका और शिक्षा से जुड़े डिजिटल समाधानों के माध्यम से करीब 10 लाख महिलाओं तक पहुंचेंगी।
दूसरे चरण के लिए आवेदन शुरू
नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में दूसरे चरण के लिए आवेदन प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई। चयनित प्रत्येक परियोजना को 4.2 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता मिलेगी। आवेदन 4 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन किए जा सकेंगे। 15 से 18 महीने की अवधि वाली उन परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनमें बड़े स्तर पर विस्तार और लंबे समय तक प्रभाव बनाए रखने की क्षमता हो।
छह संस्थाओं का हुआ चयन
पहले चरण में पीसीआई इंडिया, एम.एस. स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन, माइना महिला फाउंडेशन, डिजिटल एम्पावरमेंट फाउंडेशन, एस्पायर और चैतन्य का चयन किया गया है। ये संस्थाएं ग्रामीण महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों, महिला उद्यमियों और तटीय क्षेत्रों की महिलाओं के लिए डिजिटल कौशल, स्वास्थ्य सेवाओं और आजीविका से जुड़े समाधान विकसित करेंगी।
महिला सशक्तिकरण पर रहेगा जोर
रिलायंस फाउंडेशन में महिला सशक्तिकरण प्रमुख दीप्ति रेड्डी ने कहा कि महिलाओं को डिजिटल दुनिया में अवसर और आत्मविश्वास देना समावेशी भविष्य के लिए आवश्यक है। वहीं, गेट्स फाउंडेशन में जेंडर इक्वालिटी की डिप्टी डायरेक्टर साची भल्ला ने कहा कि यह पहल गैर-सरकारी संगठनों को महिलाओं की डिजिटल भागीदारी बढ़ाने वाले प्रभावी समाधानों को विकसित करने और बड़े स्तर पर लागू करने का अवसर देगी।
इस पहल के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता, संवाद सहायक प्रणाली और क्षेत्रीय भाषाओं जैसी तकनीकों के माध्यम से महिलाओं की डिजिटल पहुंच बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। चयनित संस्थाओं को वित्तीय सहायता के साथ तकनीकी प्रशिक्षण, विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और क्षमता विकास कार्यक्रमों का लाभ भी मिलेगा।
