नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र से पहले कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में आगामी सत्र की रणनीति तय की गई। बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने की। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य सांसद शामिल हुए।
इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी
बैठक के बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि कांग्रेस मानसून सत्र में चढ़ावा चोरी, आस्था के साथ कथित धोखा, पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था, महंगाई, भ्रष्टाचार, विदेश नीति, एथेनॉल मिश्रण, वनों की कटाई तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाएगी।
कई विधेयकों का करेगी विरोध
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि बैठक में परिसीमन विधेयक, संविधान संशोधन विधेयक, विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक और विदेशी अंशदान विनियमन कानून से जुड़े प्रस्तावित विधेयकों पर चर्चा हुई। पार्टी ने इन विधेयकों का संसद में विरोध करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि सरकार 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक बुला रही है, जिसमें मानसून सत्र का एजेंडा साझा किया जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि वह परिसीमन विधेयक का विरोध करेगी और महिला आरक्षण को इससे जोड़ने का भी विरोध करेगी।
जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस संसद में महंगाई, नीट परीक्षा विवाद, शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों, कथित ई20 घोटाले, विदेश नीति और अन्य जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाएगी। उन्होंने बताया कि मानसून सत्र 19 दिन का होगा, जिसमें 16 दिन सदन की कार्यवाही चलेगी।
